
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। राज्य में समय रहते हस्तक्षेप करते हुए अब तक पांच बाल विवाह को रुकवाया गया है। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए प्रदेशभर में 172 जागरूकता अभियान भी चलाए जा चुके हैं।
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकार बच्चों के अधिकारों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और बाल विवाह जैसी प्रथा को किसी भी कीमत पर बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से परिणाम आधारित अभियान चलाया जा रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य नाबालिग बच्चों को कम उम्र में विवाह जैसी सामाजिक समस्या से बचाना और उन्हें शिक्षा व विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि बाल विवाह रोकने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, बाल कल्याण समितियों, बाल विवाह रोकथाम अधिकारियों और अन्य संबंधित विभागों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी बाल विवाह की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि कानून के अनुसार ऐसे मामलों में तेजी से हस्तक्षेप किया जाए और बच्चों के अधिकारों की रक्षा की जाए।
सरकार की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों का उद्देश्य लोगों को बाल विवाह के नुकसान और इसके कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी देना है। इन अभियानों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक समस्या नहीं है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य और अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है। कम उम्र में विवाह होने से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का अधिकार मिले। इसके लिए विभाग लगातार समाज के विभिन्न वर्गों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे मामलों पर नजर रखें और समय रहते कार्रवाई करें।
विशेषज्ञों के अनुसार, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से सरकार जागरूकता कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दे रही है।
सरकार की ओर से स्कूलों, समुदायों और स्थानीय संस्थाओं के माध्यम से भी लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चों और अभिभावकों को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों की जानकारी दी जा रही है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। बाल विवाह रोकने के लिए भविष्य में भी अभियान जारी रहेंगे।
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन या संबंधित विभाग को सूचना दें। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग के बिना इस कुरीति को पूरी तरह समाप्त करना संभव नहीं है।
पंजाब सरकार का लक्ष्य राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाना है। इसके लिए कानून के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। बाल विवाह रोकने के लिए हर स्तर पर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार की ओर से चलाए जा रहे अभियान और विभागों के बीच बेहतर तालमेल से आने वाले समय में बाल विवाह के मामलों में और कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।





