पंजाब

जमीन अधिग्रहण के लिए GMADA जुटाएगा 15,000 करोड़ रुपये

Kiran
10 Oct 2026 9:53 AM IST
जमीन अधिग्रहण के लिए GMADA जुटाएगा 15,000 करोड़ रुपये
x
Chandigarh हाउसिंग डिपार्टमेंट के तहत आने वाले अधिकारियों ने 'ज़मीन अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना में उचित मुआवज़ा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013' (RFCTLARR) के तहत राज्य के खजाने में ₹6,400 करोड़ जमा किए। इसमें से ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) ने ₹6,210 करोड़ जमा किए। प्रस्तावित कर्ज से जुड़े एक मामले में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में दाखिल हलफनामे में, GMADA के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर ने बताया कि अथॉरिटी ने 14 डेवलपमेंट प्रोजेक्ट शुरू किए हैं। इसके लिए चुनी गई ज़मीन पर ज़मीन अधिग्रहण और डेवलपमेंट के कामों के लिए ₹17,686 करोड़ की ज़रूरत है।
कर्ज लेने के फैसले को सही ठहराते हुए, GMADA के अधिकारियों ने 'पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट, 1955' की धारा 51 का हवाला दिया। यह धारा अथॉरिटी को लोन, डिबेंचर या बॉन्ड के ज़रिए पैसे जुटाने का अधिकार देती है। हालांकि, यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब डेवलपमेंट अथॉरिटीज़ पहले ही RFCTLARR एक्ट, 2013 के तहत राज्य के खजाने में काफी बड़ी रकम जमा कर चुकी हैं।
फंड जुटाने के इस प्रस्ताव ने गुजरात की मर्चेंट बैंकर कंपनी 'टिप्सन्स कंसल्टेंसी सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड' को दी जाने वाली फीस की ओर भी ध्यान खींचा है। कंपनी को ₹15,000 करोड़ जुटाने के लिए ₹191.16 करोड़ की 'अरेंजर फीस' मिलेगी, जो जुटाई गई रकम का 1.27 प्रतिशत 'सक्सेस फीस' के बराबर है। इस फीस का बचाव करते हुए, GMADA के अधिकारियों ने दूसरी सरकारी संस्थाओं का उदाहरण दिया, जैसे हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी, आंध्र प्रदेश मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड। इन संस्थाओं ने भी बॉन्ड के ज़रिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए फंड जुटाया है।
Next Story