पंजाब

ज्ञानी रघुबीर सिंह की कार और घर को बनाया गया निशाना

Ratna Netam
14 Aug 2026 6:22 PM IST
ज्ञानी रघुबीर सिंह की कार और घर को बनाया गया निशाना
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अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के अमृतसर स्थित आवास के बाहर खड़ी सुरक्षा गाड़ी पर गोली लगने का मामला सामने आया है। घटना के समय ज्ञानी रघबीर सिंह अपने घर में मौजूद थे। गोली गाड़ी के बोनट पर लगी, लेकिन किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई। अमृतसर पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है।
ज्ञानी रघबीर सिंह का आवास अमृतसर के प्रताप नगर इलाके में है। उन्होंने पुलिस को दिए बयान में बताया कि घटना 12 अगस्त की रात करीब 11 बजकर चार मिनट पर हुई थी। हालांकि, परिवार को इसकी जानकारी अगले दिन 13 अगस्त की शाम करीब सवा पांच बजे मिली। ड्राइवर जब घर के बाहर खड़ी गाड़ी की सफाई कर रहा था, तभी उसकी नजर बोनट पर बने गोली के निशान पर पड़ी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और गाड़ी की जांच की। पुलिस को गाड़ी से .32 बोर की गोली मिली है। बताया गया है कि जिस गाड़ी पर गोली लगी, वह पंजाब पुलिस की ओर से पूर्व जत्थेदार की सुरक्षा में उपलब्ध कराई गई स्कॉर्पियो है। पुलिस ने गोली और अन्य जरूरी साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है।
घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के दौरान गोली चलने जैसी आवाज रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है। फुटेज में लाल रंग की टी-शर्ट पहने एक युवक स्कूटर पर इलाके में आता-जाता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि संबंधित युवक कुछ देर बाद नजदीकी चौक पर फोन पर बात करता भी नजर आया। पुलिस उसकी पहचान और घटना के समय वहां मौजूद होने के कारण का पता लगाने में जुटी है। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उस युवक का गोली चलने की घटना से कोई संबंध है या नहीं।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी ज्ञानी रघबीर सिंह के आवास पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने पूर्व जत्थेदार के सुरक्षाकर्मियों और पीएसओ से भी पूछताछ की है। इसके अलावा आसपास रहने वाले लोगों से संपर्क कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि घटना वाली रात किसी ने गोली चलने की आवाज सुनी थी या किसी संदिग्ध व्यक्ति को देखा था।
ज्ञानी रघबीर सिंह ने बताया कि उन्हें घटना से पहले किसी व्यक्ति की ओर से सीधे तौर पर कोई धमकी या संदिग्ध फोन नहीं मिला था। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इससे पहले यात्रा के दौरान उनकी गाड़ी को साइड मारने और उनके काफिले के बीच वाहन घुसाने जैसी कोशिशें हो चुकी हैं। पुलिस इन पुराने घटनाक्रमों की जानकारी भी जुटा रही है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में गोली के ऊपर से नीचे की दिशा में आने के संकेत मिले हैं। इस आधार पर आशंका जताई जा रही है कि यह हवाई फायरिंग के बाद नीचे गिरी गोली भी हो सकती है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अभी तक ऐसा कोई व्यक्ति सीसीटीवी फुटेज में दिखाई नहीं दिया है, जो सीधे पूर्व जत्थेदार के घर या गाड़ी को निशाना बनाकर गोली चला रहा हो। इसलिए इस घटना को लक्षित हमला कहना अभी जल्दबाजी होगी।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गोली किस स्थान और दिशा से चलाई गई थी। आसपास के मकानों, दुकानों और सड़कों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग भी एकत्र की जा रही है। जांच में लाइसेंसी हथियार रखने वाले स्थानीय लोगों की जानकारी और क्षेत्र में उस समय आयोजित किसी समारोह की भी पड़ताल की जा सकती है।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब एक दिन पहले महाराष्ट्र के नांदेड में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर एक व्यक्ति ने कृपाण से हमला किया था। ज्ञानी रघबीर सिंह उस पांच सदस्यीय धार्मिक पीठ में शामिल थे, जिसने दिसंबर 2024 में सुखबीर बादल को धार्मिक कदाचार के मामले में तनखाह यानी धार्मिक सजा सुनाई थी। हालांकि, अमृतसर पुलिस को फिलहाल दोनों घटनाओं के बीच किसी प्रकार का संबंध नहीं मिला है।
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