पंजाब

अमृतसर से UN तक, भारतीय राजनयिक ने पाकिस्तान को दिया कड़ा संदेश

Kiran
10 Oct 2026 10:03 AM IST
अमृतसर से UN तक, भारतीय राजनयिक ने पाकिस्तान को दिया कड़ा संदेश
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अमृतसर में जन्मे भारतीय राजनयिक अनमोल शेर सिंह बेदी ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि सीमा पार आक्रामक हरकतें करने के लिए परमाणु हथियारों का ज़िक्र करने से तनाव कम होने के बजाय उसके बढ़ने का खतरा पैदा होता है। बेदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की पहली समिति (First Committee) के 81वें सत्र में चर्चा के दौरान भारत के 'जवाब देने के अधिकार' (right of reply) का इस्तेमाल किया। उन्होंने काम करने के तरीकों पर बहस के दौरान पाकिस्तान की टिप्पणियों का जवाब दिया।
चर्चा के बाद 'X' पर एक पोस्ट में बेदी ने कहा, "तनाव बढ़ने की चिंताओं को बयानों से नहीं, बल्कि व्यवहार से बेहतर समझा जा सकता है। ऐसा रवैया जो 'सब-कंवेंशनल' (पारंपरिक युद्ध से अलग स्तर की) आक्रामक हरकतों को बढ़ावा देने के लिए परमाणु हथियारों के डर का इस्तेमाल करता है, उससे तनाव बढ़ने का खतरा ही पैदा होता है, न कि संयम की उम्मीद जगती है।" अमृतसर के रहने वाले और भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी बेदी अभी जिनेवा, स्विट्जरलैंड में 'निरस्त्रीकरण सम्मेलन' (Conference on Disarmament) में भारत के स्थायी मिशन में वरिष्ठ सलाहकार (निरस्त्रीकरण) के तौर पर काम कर रहे हैं। वह बहुपक्षीय निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं।
बेदी ने वैश्विक संस्थाओं, खासकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की ज़रूरत पर भी बात की है। उनका तर्क है कि बहुपक्षीय व्यवस्था में भरोसा बहाल करने के लिए ज़रूरी है कि उसमें सार्थक संरचनात्मक बदलाव किए जाएं। उन्होंने पहले कहा था, "भरोसा बहुपक्षीय व्यवस्था की मुख्य पूंजी है। उस भरोसे को बहाल करने की शुरुआत वहीं से होनी चाहिए जहां सुधार की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद।"
भारत लगातार सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग करता रहा है। उसका कहना है कि इसकी मौजूदा संरचना आज की भू-राजनीतिक हकीकत को ठीक से नहीं दिखाती और न ही विकासशील देशों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देती है। अपनी मौजूदा ज़िम्मेदारी संभालने से पहले, बेदी ने 'जैविक हथियार सम्मेलन' (Biological Weapons Convention) के कार्य समूह में 'फ्रेंड ऑफ़ द चेयर' के तौर पर काम किया था। उन्होंने जैविक हथियारों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय नियमों को मज़बूत करने पर हुई चर्चाओं में योगदान दिया था। बेदी पंजाब के एक प्रतिष्ठित परिवार से आते हैं। उनके पिता डॉ. सरबजीत सिंह बेदी जालंधर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (NIT) में प्रोफेसर हैं, जबकि उनकी मां जस्सी बेदी NGO सेक्टर से जुड़ी हैं।
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