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CHANDIGARH चंडीगढ़। पंजाब इस समय भीषण बाढ़ से जूझ रहा है। लगातार बेहिसाब बारिश और पहाड़ी इलाकों से छोड़े गए पानी ने राज्य की स्थिति भयावह बना दी है। हालात इतने बिगड़ गए कि राज्य सरकार ने पंजाब को आपदा प्रभावित राज्य घोषित कर दिया है। जानकारी के अनुसार, पंजाब के सभी 23 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। नदियां और नाले उफान पर हैं, वहीं डैमों से छोड़े गए पानी ने निचले इलाकों में तबाही को और बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र ने बताया कि राज्य सरकार को हर मौसम संबंधी अपडेट समय-समय पर दी जाती रही है। उन्होंने कहा कि इस बार पहाड़ी क्षेत्रों में भी सामान्य से कहीं अधिक बारिश हुई, जिससे निचले इलाकों पर पानी का दबाव बढ़ गया। हालांकि, उन्होंने राहत की खबर देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में बारिश में कमी आने की संभावना है, जिससे हालात कुछ हद तक सुधर सकते हैं।
पूर्व चीफ इंजीनियर ने इस स्थिति के पीछे प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि पंजाब का लगभग 8,000 किलोमीटर लंबा ड्रेनेज सिस्टम समय पर साफ नहीं किया गया। यही वजह है कि बरसात का पानी सही ढंग से निकल नहीं पाया और कई जगहों पर जलभराव व बाढ़ की स्थिति बन गई। बाढ़ से प्रभावित जिलों में गांव और कस्बे पूरी तरह डूब गए हैं। हजारों घरों में पानी भर चुका है और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में पलायन कर रहे हैं। खेत-खलिहानों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। कई जगहों पर सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे यातायात व्यवस्था ठप हो गई है।
स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने का काम कर रही हैं। नावों और अस्थायी पुलों की मदद से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन और दवाइयों की व्यवस्था की गई है, हालांकि कई इलाकों से अब भी मदद न पहुंचने की शिकायतें सामने आ रही हैं। बाढ़ के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग बिजली कटौती, पीने के पानी और जरूरी सामान की किल्लत से जूझ रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी है और जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है।
राजनीतिक स्तर पर भी बाढ़ ने हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों ने सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय पर ड्रेनेज सिस्टम की सफाई और बाढ़ प्रबंधन की उचित तैयारी की गई होती, तो हालात इतने बिगड़ते नहीं। वहीं, सरकार का कहना है कि असामान्य बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से छोड़े गए पानी ने संकट को बढ़ा दिया। पंजाब सरकार ने केंद्र से मदद की अपील की है और राहत पैकेज की मांग रखी है। राज्य के मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों का दौरा करने के बाद कहा कि हर संभव मदद पीड़ितों तक पहुंचाई जाएगी। इस आपदा ने पंजाब को गहराई से झकझोर दिया है। आने वाले दिनों में बारिश कम होने की संभावना है, लेकिन तब तक लोगों को राहत पहुंचाने और बाढ़ के पानी को नियंत्रित करने की चुनौती बनी रहेगी।
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