पंजाब

अमृतसर के बांसावाला बाजार में फायरिंग, जुआ-सट्टा और नशे का विरोध करने पर हमले का आरोप

Kavita2
2 Oct 2026 12:19 PM IST
अमृतसर के बांसावाला बाजार में फायरिंग, जुआ-सट्टा और नशे का विरोध करने पर हमले का आरोप
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अमृतसर। शहर के बांसावाला बाजार की गली नंबर 4 में अचानक फायरिंग की आवाज से हड़कंप मच गया। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया। घटना में किसी के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है, लेकिन पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि करीब 10 लोगों ने उनके बेटों को घेरकर लगभग चार राउंड फायरिंग की।

पीड़ित परिवार की एक बुजुर्ग महिला और मौके पर मौजूद स्थानीय युवाओं ने आरोप लगाया कि इलाके में लंबे समय से जुआ, सट्टा और नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री खुलेआम चल रही है। उनका कहना है कि गली में शराब पीने और अन्य असामाजिक गतिविधियों का भी लगातार विरोध किया जा रहा था। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और बाद में हमला किया गया।

परिवार के अनुसार, उन्होंने कई बार आसपास के लोगों को इन गतिविधियों से दूर रहने और मोहल्ले का माहौल खराब न करने के लिए कहा था। आरोप है कि इसी विरोध से नाराज कुछ लोगों ने उनके बेटों को निशाना बनाया। परिवार का दावा है कि घटना के समय करीब 10 लोग एकत्र हुए और उन्होंने युवकों को चारों तरफ से घेर लिया।

आरोप है कि इसी दौरान हमलावरों ने डराने और जान से मारने की नीयत से गोलियां चलाईं। पीड़ित पक्ष के मुताबिक लगभग चार राउंड फायरिंग की गई। गोलियों की आवाज सुनते ही आसपास के लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए, जबकि कुछ लोगों ने दहशत के कारण दरवाजे बंद कर लिए।

स्थानीय लोगों ने बताया कि फायरिंग के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। इसके तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने यह पता लगाने की कोशिश की कि फायरिंग किस हथियार से की गई और कितने लोग घटना में शामिल थे।

पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर सकती है। इससे हमलावरों की पहचान, उनके आने-जाने के रास्ते और घटना के समय मौजूद लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। साथ ही यह भी पता लगाया जा सकता है कि घटना अचानक हुए विवाद का नतीजा थी या पहले से किसी तरह की रंजिश चल रही थी।

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि इलाके में जुआ और सट्टे की गतिविधियां काफी समय से चल रही हैं। उनका कहना है कि कुछ लोग खुलेआम नशीले पदार्थ बेचते हैं और गली में शराब पीकर माहौल खराब करते हैं। परिवार के मुताबिक जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें धमकियां भी दी गईं।

हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस के लिए अब यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि कथित जुआ, सट्टा और नशे के कारोबार से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या फायरिंग की घटना का सीधा संबंध इन्हीं गतिविधियों के विरोध से है।

घटना के बाद मोहल्ले के लोगों में नाराजगी भी देखी गई। स्थानीय युवाओं का कहना है कि यदि अवैध गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से इलाके में नियमित गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।

पीड़ित परिवार की बुजुर्ग महिला ने भी पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि परिवार केवल गली में गलत गतिविधियों का विरोध कर रहा था, लेकिन इसी वजह से उनके बेटों को निशाना बनाया गया। उन्होंने आशंका जताई कि यदि आरोपियों को जल्द नहीं पकड़ा गया तो परिवार को दोबारा खतरा हो सकता है।

पुलिस ने फिलहाल घटनास्थल से जुड़ी जानकारी जुटाने और शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से यह भी देखा जा रहा है कि क्या मौके से कारतूस के खोखे या अन्य साक्ष्य मिले हैं। यदि ऐसे सबूत बरामद होते हैं तो उन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है।

मामले में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। पुलिस आसपास मौजूद दुकानदारों, स्थानीय युवाओं और अन्य लोगों से पूछताछ कर सकती है। इससे घटना की पूरी समयरेखा तैयार करने में मदद मिलेगी।

बांसावाला बाजार शहर का व्यस्त इलाका माना जाता है। ऐसे में गली के अंदर फायरिंग की घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि इलाके में पुलिस की नियमित मौजूदगी बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि जुआ, सट्टा, नशा और खुले में शराब पीने जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।

फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आरोपियों की पहचान तथा गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पीड़ित परिवार के आरोपों, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि फायरिंग के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।

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