पंजाब

गुरु नानक जयंती पर स्वर्ण मंदिर में रोशनी का महोत्सव — झिलमिलाया अमृतसर का आसमान

SHIDDHANT
5 Nov 2025 7:28 PM IST
गुरु नानक जयंती पर स्वर्ण मंदिर में रोशनी का महोत्सव — झिलमिलाया अमृतसर का आसमान
x
Punjab पंजाब: गुरु नानक देव जी की 556वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में भव्य आयोजन किया गया। पवित्र गुरुद्वारे में हजारों श्रद्धालुओं ने मत्था टेका और गुरु नानक देव जी के उपदेशों को याद करते हुए शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। इस पावन अवसर पर स्वर्ण मंदिर और उसके आसपास का पूरा क्षेत्र दीपों और रोशनी से जगमगा उठा। रात होते ही स्वर्ण मंदिर का दृश्य मनमोहक बन गया। सरोवर में झिलमिलाते दीपों की रोशनी का प्रतिबिंब देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। जैसे ही घड़ी ने रात के आठ बजाए, आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाज़ी ने समा बाँध दिया। आतिशबाज़ी की चमक से अमृतसर का आसमान रंगीन हो उठा और श्रद्धालु “सतनाम वाहेगुरु” के जयकारे लगाते हुए आनंदित दिखाई दिए।
गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर स्वर्ण मंदिर परिसर में विशेष कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें रागी जत्थों ने मधुर शबद कीर्तन प्रस्तुत किए। गुरु का लंगर लगातार चलता रहा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होने पहुंचे। अमृतसर पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पूरे शहर में 24 घंटे निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए विशेष प्लान लागू किया गया। इसके अलावा स्वच्छता व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं — “एक ओंकार सतनाम,” और “सर्व मानव एक समान” — का संदेश आज भी समाज में समानता और प्रेम की भावना को प्रेरित करता है। इस अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य नेताओं ने भी श्रद्धा प्रकट की और राज्यवासियों को प्रकाश पर्व की शुभकामनाएँ दीं। गुरु नानक जयंती का यह पर्व न केवल सिख समुदाय के लिए बल्कि पूरे देश के लिए शांति और मानवता का प्रतीक बन गया है। अमृतसर का स्वर्ण मंदिर इस पावन रात को सचमुच स्वर्णिम रोशनी से नहा उठा।
Next Story