
Punjab पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब की बेटियों को अब बेबस नहीं, बल्कि शेरनी के तौर पर देखा जाना चाहिए; वे हर क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रही हैं और राज्य की तरक्की में एक मज़बूत ताकत बनकर उभर रही हैं। धुरी में ‘तीयां दा मेला’ मनाते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 23 ज़िलों में से नौ में महिला डिप्टी कमिश्नर और आठ में महिला सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) तैनात हैं।
उन्होंने कहा, "यह इस बात का सबूत है कि अगर मौका मिले, तो लड़कियाँ ज़िंदगी में कोई भी लक्ष्य हासिल कर सकती हैं।" महिलाओं की आर्थिक आज़ादी और सम्मान पर ज़ोर देते हुए उन्होंने बताया कि 'मावां-धियां सत्कार योजना' के तहत 75 लाख से ज़्यादा महिलाओं को हर महीने 1,000 से 1,500 रुपये मिल रहे हैं, जबकि 29,000 स्वयं-सहायता समूहों से जुड़ी 3 लाख महिलाओं को 631 करोड़ रुपये का बिना ब्याज वाला लोन दिया गया है।
उन्होंने कहा, "मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि 75.24 लाख माताओं और बहनों को 'सम्मान राशि' मिल चुकी है, और बाकी बहनों को भी जल्द ही रक्षाबंधन के मौके पर यह तोहफ़ा मिलेगा।"
लोगों को संबोधित करते हुए मान ने कहा, "प्रशासन, अर्थव्यवस्था और राजनीति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना पंजाब आगे नहीं बढ़ सकता।" उन्होंने आगे कहा, "सांस्कृतिक कार्यक्रम महिलाओं को अपना हुनर दिखाने और अपनी पहचान व आत्मविश्वास को और मज़बूत करने का मौका देते हैं।"





