पंजाब

किसानों ने की सुरक्षा घेर तोड़ जीएनडीयू में घुसने की कोशिश

Gulabi Jagat
21 Sep 2023 4:29 AM GMT
किसानों ने की सुरक्षा घेर तोड़ जीएनडीयू में घुसने की कोशिश
x
अमृतसर । गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (Guru Nanak Dev University) के राजनीति विज्ञान विभाग के पीएचडी छात्र व एसएफएस नेता विजय कुमार के दाखिले और लॉ विभाग के पांचवें सेमेस्टर की छात्रा तानिया पर लगे जुर्माने के खिलाफ छात्रों के समर्थन में आई भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी ने प्रदर्शन किया। इससे पहले दोपहर 12 बजे विजय कुमार सहित कुछ छात्र व किसान यूटी मार्केट के बाहर एकत्र हुए।
किसानों नेता और पीड़ित छात्रों ने की नारेबाजी
वहीं जीएनडीयू प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों और पंजाब पुलिस के जवानों का सुरक्षा घेरा तोड़कर जबरन अंदर घुसने की कोशिश की। इस दौरान दोनों पक्षों ने धक्कामुक्की भी हुई। धरने पर बैठे भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी के किसान नेता और पीड़ित छात्रों ने शाम पांच बजे इंटरनेशनल अमृतसर अटारी शेरशाह सूरी रोड पर दोनों तरफ ट्रैफिक रोककर जीएनडीयू प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने मुख्य द्वार के दाहिनी ओर प्रवेशद्वार पर तंबू लगाकर रास्ता बंद कर अनिश्चितकाल के लिए धरना शुरू कर दिया।
जीएनडीयू प्रबंधन के मुख्य सुरक्षा अधिकारी कर्नल अमरबीर सिंह चहल और पुलिस प्रशासन के एसीपी अश्वनी कुमार ने बात की और समझाया लेकिन विजय कुमार और किसान नेता नहीं माने। उन्होंने जीएनडीयू प्रशासन से विजय कुमार की पीएचडी स्थायी करने की मांग की। प्रवेश पर लगाई गई शर्तें हटाने और तानिया का जुर्माना माफ करने की भी मांग की।
प्रशासन पर लगाए ये आरोप
भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी के गुरदासपुर जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह दादूजोध ने जीएनडीयू प्रबंधन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जीएनडीयू प्रबंधन का नकारात्मक रवैया सीधे तौर पर किसानों व विद्यार्थियों को लंबे संघर्ष के लिए आमंत्रित कर रहा है। जीएनडीयू प्रशासन अड़ियल रवैये अपना रहा है। वहीं जीएनडीयू प्रबंधन के सभी अधिकारियों ने एक सुर में कहा कि यह मामला जीएनडीयू का आंतरिक मामला है और किसान समुदाय का इससे कोई लेना-देना नहीं है।
धरना किया समाप्त
जीएनडीयू शिक्षा का मंदिर है और इसे इस राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने दिया जाएगा। डीन सरबजोत सिंह बहल, प्रीत मोहिंदर सिंह बेदी ने बताया कि विजय कुमार का प्रवेश जीएनडीयू में बहाल कर दिया गया है। रीडिंग हाल में भी छात्र को पढ़ने दिया जाएगा। शेष मांगें भी मान ली जाएगी। उधर, एडीसीपी प्रभजीत सिंह विर्क ने पीड़ित छात्र व एसएफएस नेता विजय कुमार, छात्रा तानिया व किसान नेताओं से बात की। प्रदर्शनकारियों की मांगें मानने के बाद रात साढ़े सात बजे धरना समाप्त हुआ।
Next Story