पंजाब

Punjab में किसानों का विरोध, पराली जलाने पर सख्त कदम उठाने के बाद तनाव

Ratna Netam
1 May 2026 1:01 PM IST
Punjab में किसानों का विरोध, पराली जलाने पर सख्त कदम उठाने के बाद तनाव
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Punjab.पंजाब: पंजाब सरकार द्वारा पराली जलाने पर सख्त कार्रवाई शुरू करने के बाद राज्य के किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। किसान संगठनों ने कहा कि सरकार के इस कदम से उनकी आजीविका पर असर पड़ेगा और उन्हें उचित विकल्प दिए बिना इस पर रोक लगाना अनुचित है।
सूत्रों के अनुसार, किसानों ने कई जिलों में सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन किया और ट्रैक्टरों के साथ मार्च किया। किसानों ने कहा कि पराली जलाना उनके लिए एक पारंपरिक और सस्ता तरीका है फसल की बुवाई के लिए खेत साफ करने का। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को उन्हें आधुनिक और किफायती विकल्प प्रदान करने चाहिए, न कि केवल जुर्माना लगाने या कार्रवाई करने की धमकी।
किसानों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से मिलने की मांग की और कहा कि वे इस मुद्दे पर तत्काल वार्ता करना चाहते हैं। एक किसान नेता ने कहा, “हमें समझ है कि पर्यावरण संरक्षण जरूरी है, लेकिन हमें विकल्प और सहायता दिए बिना सिर्फ जुर्माने की चेतावनी देना सही नहीं है। सरकार को हमारी समस्याओं को समझना होगा।”
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि पराली जलाना प्रदूषण का मुख्य कारण है और इससे वायु गुणवत्ता पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि राज्य में हर साल पराली जलाने से प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी होती है, जिससे स्वास्थ्य समस्याओं और पर्यावरणीय नुकसान का खतरा रहता है। पंजाब सरकार ने पिछले महीने घोषणा की थी कि अब से पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पर्यावरण की दृष्टि से जरूरी है, लेकिन किसानों के लिए संतुलित समाधान निकालना भी आवश्यक है। “सरकार को किसानों के लिए सस्ती और उपलब्ध तकनीकों के माध्यम से पराली निस्तारण को बढ़ावा देना चाहिए। यदि किसानों को विकल्प नहीं मिलेगा तो विरोध और तनाव बढ़ सकते हैं,” एक कृषि विशेषज्ञ ने कहा।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर पुलिस तैनात रही और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने के प्रयास किए गए। प्रशासन ने कहा कि किसानों के साथ संवाद जारी रहेगा और जल्द ही उनकी समस्याओं के समाधान के लिए बैठकें आयोजित की जाएंगी।
किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को नहीं सुना गया तो वे आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर आंदोलन करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके आंदोलन का मुख्य उद्देश्य केवल अपने अधिकारों की रक्षा करना और कृषि कार्यों के लिए उचित संसाधन और मार्गदर्शन प्राप्त करना है।
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