पंजाब

Jalandhar में किसानों को खरीफ फसलों के लिए जागरूक किया गया

Ratna Netam
11 April 2026 1:33 PM IST
Jalandhar में किसानों को खरीफ फसलों के लिए जागरूक किया गया
x
Jalandhar.जालंधर: जालंधर में हाल ही में आयोजित एक कृषि जागरूकता कार्यक्रम में किसानों को खरीफ फसलों की बेहतर पैदावार और आधुनिक खेती के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को मॉडर्न और सस्टेनेबल खेती अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि मौजूदा समय में केवल परंपरागत खेती पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने किसानों को बीज चयन, उर्वरक प्रबंधन, सिंचाई तकनीक और कीट प्रबंधन के बारे में विस्तार से समझाया। इसके अलावा, उन्होंने सस्टेनेबल खेती के तरीकों को अपनाने का महत्व भी बताया, ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे और उत्पादन में सुधार हो।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को यह भी बताया कि खरीफ फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी फसलों की गुणवत्ता और बाजार मूल्य बढ़ाने के लिए आधुनिक उपकरण और डिजिटल तकनीक अपनानी चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने इस पहल को स्वागत योग्य बताया। उन्होंने कहा कि अब उन्हें अपने खेतों में नई तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने में मदद मिलेगी। किसानों ने आशा जताई कि इस तरह के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएँ ताकि उन्हें खेती से जुड़े नवीनतम ज्ञान और जानकारी मिलती रहे। विशेषज्ञों ने कहा कि सस्टेनेबल खेती केवल पैदावार बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मृदा की उर्वरता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद करती है। उन्होंने किसानों को प्रेरित किया कि वे जैविक उर्वरक, ड्रिप इरिगेशन और कीट प्रबंधन के आधुनिक उपाय अपनाएँ।
कृषि विभाग ने बताया कि किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन देने के लिए कृषि सलाहकार और मोबाइल वैन की भी व्यवस्था की जाएगी। इसके माध्यम से किसान किसी भी समय अपने खेतों की स्थिति और फसलों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। जालंधर में इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि किसानों के बीच साक्षरता और जागरूकता बढ़ाना कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक है। अधिकारियों का मानना है कि अगर किसान आधुनिक और सस्टेनेबल खेती के तरीकों को अपनाएँगे, तो न केवल उनकी आय बढ़ेगी बल्कि पर्यावरणीय संकट भी कम होगा। इस प्रकार, जालंधर में आयोजित यह कार्यक्रम किसानों को खरीफ फसलों के प्रति जागरूक करने, नई तकनीक अपनाने और सतत खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
Next Story