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किसान मजदूर मोर्चा (KMM) ने शनिवार को चंडीगढ़ में 7 दिसंबर से अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की। उन्होंने भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार पर किसानों और कृषि मजदूरों से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया। चंडीगढ़ के किसान भवन में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान, मोर्चा के नेताओं ने कहा कि सरकार ने 15 अक्टूबर तक उनकी मांगों को पूरा करने का वादा किया था, लेकिन वह अपने इस आश्वासन को निभाने में नाकाम रही।
KMM नेता सरवन सिंह पंढेर ने चेतावनी दी कि अगर सरकार 7 दिसंबर से पहले बातचीत करके उनकी मांगों का समाधान नहीं निकालती है, तो हजारों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां चंडीगढ़ की ओर कूच करेंगी। मोर्चा ने मांग की कि बासमती, मूंग, मक्का, सरसों और आलू की खरीद की गारंटी दी जाए। साथ ही, इनकी कीमतें स्वामीनाथन आयोग के 'C2+50 प्रतिशत' फॉर्मूले के आधार पर तय की जाएं। नेताओं ने बताया कि सरकार ने पहले 23 फसलों की खरीद की गारंटी देने का वादा किया था और यह भरोसा भी दिलाया था कि बासमती की खरीद से जुड़ी चिंताओं को दूर किया जाएगा।
उन्होंने कृषि ऋणों को पूरी तरह से माफ करने की भी मांग की। इसके अलावा, उन्होंने सहकारी बैंकों और भूमि बंधक बैंकों (लैंड मॉर्गेज बैंकों) से लिए गए कर्ज के लिए 'वन-टाइम सेटलमेंट' (एकमुश्त निपटान) की मांग की। साथ ही, कर्ज के बोझ के कारण आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों को 5 लाख रुपये की सहायता देने की भी मांग रखी।
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