पंजाब

किसान परेशान, CM रैलियों में व्यस्त: Sunil Jakhar

Ratna Netam
6 April 2026 12:24 PM IST
किसान परेशान, CM रैलियों में व्यस्त: Sunil Jakhar
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Punjab.पंजाब: पंजाब में किसानों की समस्याओं को लेकर सियासत तेज होती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने राज्य की सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि एक ओर किसान मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री रैलियों और राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त हैं। सुनील जाखड़ ने कहा कि राज्य के किसान इस समय कई तरह की चुनौतियों से जूझ रहे हैं। मौसम की मार, फसलों को हो रहा नुकसान और आर्थिक दबाव ने उनकी स्थिति को गंभीर बना दिया है। ऐसे समय में सरकार को किसानों के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए, लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है।
उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री Bhagwant Mann पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें अपनी प्राथमिकताएं तय करनी चाहिए। जाखड़ के अनुसार, जब राज्य का किसान परेशान है, तब सरकार का ध्यान जनसभाओं और रैलियों पर केंद्रित होना चिंता का विषय है। जाखड़ ने यह भी कहा कि किसानों को समय पर मुआवजा और राहत नहीं मिल पा रही है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि कई इलाकों में फसल नुकसान के बावजूद प्रशासन की ओर से पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई है। इससे किसानों का भरोसा कमजोर हो रहा है। इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने जाखड़ के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि सरकार लगातार किसानों के संपर्क में है और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए काम कर रही है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री न केवल प्रशासनिक बैठकों में सक्रिय हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में मौसम और कृषि से जुड़े मुद्दे संवेदनशील बने हुए हैं। ऐसे में इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप आने वाले समय में और तेज हो सकते हैं। वहीं, किसानों का कहना है कि उन्हें राजनीति से ज्यादा अपनी समस्याओं के समाधान की चिंता है। उनका मानना है कि सरकार और विपक्ष दोनों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि उन्हें राहत मिल सके। किसानों की मुख्य मांग है कि फसल नुकसान का सही आकलन हो और उन्हें जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए। फिलहाल, पंजाब में किसानों के मुद्दे पर सियासत गरमाई हुई है। एक ओर विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा है, तो वहीं सरकार अपनी योजनाओं और कार्यों का बचाव कर रही है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं और राजनीतिक बयानबाजी किस दिशा में जाती है।
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