
डेराबस्सी : पंजाब के डेराबस्सी क्षेत्र में नकली आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण और सप्लाई के एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस और संबंधित विभागों की संयुक्त कार्रवाई में एक फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। आरोप है कि यहां नामी ब्रांड के नाम पर नकली आयुर्वेदिक उत्पाद तैयार किए जा रहे थे।
मामले में पुलिस ने कॉपीराइट अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस फैक्ट्री में कथित रूप से नकली उत्पाद बनाए जा रहे थे, उसका ड्रग लाइसेंस पहले ही निलंबित किया जा चुका था। इसके बावजूद वहां उत्पादन जारी रहने की शिकायत मिली थी।
शिकायत के बाद हुई संयुक्त कार्रवाई
यह कार्रवाई उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित राहत हर्बल रेमेडीज के प्रोडक्शन मैनेजर की शिकायत के आधार पर की गई।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी पिछले कई दशकों से आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण कर रही है। कंपनी के प्रमुख उत्पादों में नूरानी तेल और राहत ब्रांड के अन्य आयुर्वेदिक उत्पाद शामिल हैं।
कंपनी का आरोप है कि कुछ लोग उनके ब्रांड और उत्पादों की पहचान का गलत इस्तेमाल कर नकली सामान तैयार कर बाजार में बेच रहे थे, जिससे कंपनी की प्रतिष्ठा और ग्राहकों के स्वास्थ्य दोनों पर खतरा पैदा हो रहा था।
निलंबित लाइसेंस के बावजूद जारी था उत्पादन
जांच में सामने आया कि जिस फैक्ट्री में कथित रूप से नकली आयुर्वेदिक उत्पाद बनाए जा रहे थे, उसका ड्रग लाइसेंस 1 जून 2026 से निलंबित था।
इसके बावजूद फैक्ट्री में उत्पादन गतिविधियां जारी रहने की शिकायत मिली। इसके बाद पुलिस और संबंधित विभागों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री को सील कर दिया गया और वहां मौजूद दस्तावेजों तथा अन्य सामग्री की जांच की जा रही है।
नकली उत्पादों से स्वास्थ्य को खतरा
अधिकारियों के अनुसार, नकली दवाओं और आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण गंभीर मामला है। ऐसे उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होती, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
प्रशासन ने कहा है कि नकली दवा कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जांच के दौरान अगर अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
ब्रांड की नकल कर बाजार में पहुंचाने का आरोप
शिकायतकर्ता कंपनी ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उनके ब्रांड की लोकप्रियता का फायदा उठाकर नकली उत्पाद तैयार किए और उन्हें बाजार में सप्लाई किया।
कंपनी की ओर से पुलिस को उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर उत्पादों, पैकेजिंग और अन्य सामग्री की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने समय से यह गतिविधि चल रही थी और कितनी मात्रा में नकली सामान बाजार तक पहुंचा।
पुलिस जांच जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है। फैक्ट्री से बरामद दस्तावेजों, मशीनरी और तैयार उत्पादों की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और नकली उत्पादों की सप्लाई कहां-कहां की जाती थी।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
नकली दवा और स्वास्थ्य उत्पादों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने के संकेत दिए हैं। इस कार्रवाई को ऐसे अवैध कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





