
पंजाब: ट्राईसिटी में जमीन और प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए एक बार फिर सतर्क रहने की जरूरत सामने आई है। जीरकपुर के ढकोली क्षेत्र में एक प्लॉट की कथित फर्जी रजिस्ट्री करवाकर उसे आगे बेचने का मामला सामने आया है। इस मामले में जीरकपुर थाना पुलिस ने पंचकूला निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने उसकी करीब 30 वर्षों से कब्जे वाली जमीन को अपना बताकर पहले रजिस्ट्री करवाई और फिर उसे आगे बेच दिया। पुलिस ने एएसपी जीरकपुर की जांच रिपोर्ट और एसएसपी मोहाली की मंजूरी के बाद यह कार्रवाई की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और संबंधित दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।
गांव सहौड़ा निवासी काका सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि ढकोली क्षेत्र में शनि मंदिर के पास स्थित प्लॉट नंबर-9 उनकी मलकीयत और कब्जे में है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्होंने वर्ष 1996 में यह जमीन खरीदी थी और पिछले करीब तीन दशक से वह इस पर काबिज हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने न तो यह प्लॉट किसी अन्य व्यक्ति को बेचा और न ही किसी के साथ जमीन को लेकर कोई समझौता किया। इसके बावजूद उन्हें बाद में पता चला कि उनकी जमीन की किसी दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्ट्री कर दी गई है और उसके बाद उस प्लॉट को आगे भी बेच दिया गया।
काका सिंह ने बताया कि 6 मई 2026 को कुछ लोग उनके प्लॉट पर कब्जा करने पहुंचे थे। हालांकि आसपास के लोगों के विरोध के बाद वे लोग वहां से वापस चले गए। इसके बाद जब उन्होंने मामले की जानकारी जुटाई तो उन्हें कथित फर्जी रजिस्ट्री और प्लॉट बिक्री के बारे में पता चला।
शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच एएसपी जीरकपुर को सौंपी गई। जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए और जमीन से जुड़े रजिस्ट्री दस्तावेजों के साथ राजस्व रिकॉर्ड की भी जांच की गई। जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता लंबे समय से इस जमीन पर कब्जे में है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, जिस व्यक्ति ने कथित रूप से प्लॉट की रजिस्ट्री करवाई थी, उसके नाम राजस्व रिकॉर्ड में केवल रास्ते के लिए छोड़ी गई जमीन दर्ज थी। इसके बावजूद शिकायतकर्ता की जमीन को अपना बताकर रजिस्ट्री करवाने और बाद में उसे बेचने का आरोप सामने आया।
जांच रिपोर्ट में कहा गया कि इस कथित फर्जीवाड़े से शिकायतकर्ता को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। एएसपी जीरकपुर ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की, जिसे एसएसपी एसएएस नगर ने मंजूरी दे दी।
इसके बाद जीरकपुर थाना पुलिस ने पंचकूला सेक्टर-21 निवासी सुरिंदर कुमार अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस अब जमीन की रजिस्ट्री, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में यह भी देखा जा रहा है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने या जमीन की बिक्री प्रक्रिया में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही।
प्रॉपर्टी विशेषज्ञों के अनुसार, जमीन खरीदने से पहले खरीदारों को केवल रजिस्ट्री देखकर भरोसा नहीं करना चाहिए। जमीन का पुराना रिकॉर्ड, जमाबंदी, इंतकाल, मालिकाना हक और संबंधित विभागों से दस्तावेजों का सत्यापन करना बेहद जरूरी है। जीरकपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में जमीन की कीमतें बढ़ने के कारण धोखाधड़ी के मामलों का खतरा भी बढ़ गया है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस मामले में फर्जी रजिस्ट्री कैसे कराई गई और इसमें किन लोगों की भूमिका थी। फिलहाल आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले की जांच जारी है।





