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पंजाब में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

Kavita2
29 Aug 2026 4:18 PM IST
पंजाब में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
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पंजाब : सरकार के कथित धमकी भरे पत्रों को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शनिवार को विभिन्न कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर तालमेल कमेटी पैरामेडिकल एवं स्वास्थ्य कर्मचारी की अगुवाई में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री की ओर से जारी किए गए संदेशों की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थरीएवाल में हुआ प्रदर्शन

जानकारी के अनुसार, यह प्रदर्शन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थरीएवाल में आयोजित किया गया।

सांझी तालमेल कमेटी पंजाब, मुलाजिम व पेंशनर सांझा फ्रंट और सांझा मुलाजिम मंच पंजाब के आह्वान पर बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल हुए।

कर्मचारियों ने कहा कि सरकार की ओर से जारी पत्रों और संदेशों का उद्देश्य कर्मचारियों पर दबाव बनाना है, जिसे वे स्वीकार नहीं करेंगे।

कर्मचारियों ने सरकार पर लगाए आरोप

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है।

पैरामेडिकल कर्मचारी नेताओं ने कहा कि कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकाला जा रहा।

उन्होंने आरोप लगाया कि मांगों को पूरा करने के बजाय कर्मचारियों को डराने का प्रयास किया जा रहा है।

नेताओं ने रखीं अपनी मांगें

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं रजिंदर कुमार, सतपाल सिंह, बलतेज सिंह, प्रभजीत कौर, जगदीप सिंह कंदोवाली, नरिंदर प्रधान, प्रेम चंद और सविंदर सिंह भट्टी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने और समाधान करने के बजाय सरकार टालमटोल की नीति अपना रही है।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

सरकार के खिलाफ नारेबाजी

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए।

उन्होंने मांग की कि सरकार कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकाले।

कर्मचारियों का कहना था कि सरकारी विभागों को सुचारू रूप से चलाने में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

कर्मचारी संगठनों ने संकेत दिए कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।

स्वास्थ्य सेवाओं पर असर की आशंका

कर्मचारियों के आंदोलन के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।

पैरामेडिकल और स्वास्थ्य कर्मचारी स्वास्थ्य व्यवस्था का अहम हिस्सा होते हैं। ऐसे में लंबे समय तक आंदोलन जारी रहने पर स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है।

हालांकि, कर्मचारियों ने कहा कि वे जनता को परेशानी में डालना नहीं चाहते, लेकिन सरकार को भी उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए।

सरकार से बातचीत की मांग

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने पंजाब सरकार से मांग की कि वह कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करे और लंबित मांगों पर फैसला ले।

उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए ही समाधान निकाला जा सकता है।

कर्मचारियों का संघर्ष जारी

फिलहाल पंजाब में कर्मचारी संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है।

कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने अधिकारों और मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे।

अब नजर इस बात पर है कि सरकार इस विरोध के बाद कर्मचारियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।

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