
मानसा। जिले के गांव बुर्ज झब्बर में एक सरकारी अध्यापक दंपति से जुड़े आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले को झूठा बताते हुए इंसाफ की मांग कर रहे अध्यापक दंपति के बुजुर्ग माता-पिता ने बुधवार को गांव में बनी पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया।
बुजुर्ग दंपति का कहना है कि उनके परिवार के साथ न्याय नहीं हो रहा है और जिस मामले को लेकर कार्रवाई की जा रही है, वह तथ्यों के विपरीत है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने और उचित कार्रवाई की मांग की है।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हलचल मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों ने बुजुर्ग दंपति को पानी की टंकी से नीचे उतरने की अपील की। वहीं, प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को भी मामले की सूचना दी गई।
प्रदर्शन कर रहे बुजुर्ग माता-पिता ने कहा कि वे लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा। उनका आरोप है कि उनके बेटे और बहू से जुड़े मामले में सच्चाई को सामने लाने के बजाय गलत दिशा में कार्रवाई की जा रही है।
मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बुजुर्ग दंपति से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी।
ग्रामीणों के अनुसार, अध्यापक दंपति से जुड़ी घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। परिवार लगातार मामले में न्याय की मांग कर रहा है। इसी क्रम में बुजुर्ग माता-पिता ने अपनी आवाज प्रशासन तक पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया।
प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बुजुर्ग दंपति को सुरक्षित नीचे उतारने की रही। पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी देर तक उन्हें समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
बुजुर्ग माता-पिता का कहना है कि उनकी उम्र काफी अधिक है और वे अपने परिवार के लिए न्याय चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी तरह की परेशानी खड़ी करना नहीं, बल्कि अपनी मांग को प्रशासन तक पहुंचाना है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद गांव में लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से अपील की कि मामले की जल्द और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि विवाद का समाधान हो सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी संवेदनशील मामले में जांच प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बनाए रखना जरूरी होता है। प्रशासन को सभी पक्षों को सुनकर तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बुजुर्ग दंपति को सुरक्षित नीचे उतारने के साथ ही उनकी शिकायतों पर भी उचित स्तर पर विचार किया जाएगा।
अध्यापक दंपति से जुड़े इस मामले में अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। परिवार न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है, जबकि प्रशासन मामले की जांच पूरी कर सच्चाई सामने लाने की बात कह रहा है।





