पंजाब

पंजाब भाजपा में असंतोष थामने की कवायद, बीएल संतोष दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे

Kavita2
24 Aug 2026 11:52 AM IST
पंजाब भाजपा में असंतोष थामने की कवायद, बीएल संतोष दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे
x

चंडीगढ़। पंजाब भाजपा की नई टीम के गठन के बाद संगठन के भीतर सामने आए असंतोष को शांत करने और पार्टी को आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह सक्रिय करने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष दो दिवसीय पंजाब दौरे पर पहुंच गए हैं। उनके दौरे को प्रदेश संगठन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि नई टीम को लेकर उठे सवालों और नाराजगी को दूर कर संगठन में एकजुटता कायम की जाए।

मोहाली पहुंचने पर पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और पंजाब के सह प्रभारी सरदार नरेंद्र सिंह रैना ने बीएल संतोष का स्वागत किया। इसके बाद संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों को लेकर बैठकों का दौर शुरू हुआ। संतोष अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जोन के नेताओं से सीधा संवाद करेंगे और संगठन की जमीनी स्थिति का फीडबैक लेंगे।

जोनवार बैठक कर लिया जाएगा फीडबैक

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) का दौरा मुख्य रूप से जोनवार बैठकों पर केंद्रित रहेगा। पार्टी ने पंजाब को अलग-अलग संगठनात्मक जोन में बांटकर नेताओं के साथ बैठक का कार्यक्रम तैयार किया है। इन बैठकों में प्रदेश संगठन की मौजूदा स्थिति, नेताओं के बीच समन्वय, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और आगामी चुनावों को लेकर तैयारियों पर चर्चा होने की संभावना है।

सोमवार को बीएल संतोष पटियाला और बठिंडा जोन के नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इन दोनों क्षेत्रों में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और राजनीतिक गतिविधियों की जानकारी स्थानीय नेताओं से ली जाएगी। संतोष जमीनी स्तर पर पार्टी की स्थिति को समझने के साथ-साथ नेताओं और कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को भी जानने का प्रयास करेंगे।

इसके बाद मंगलवार को लुधियाना, जालंधर और अमृतसर जोन के नेताओं के साथ बैठक होगी। इन बैठकों में संबंधित क्षेत्रों के प्रमुख पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता संगठन की गतिविधियों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।

नई टीम के गठन के बाद असंतोष

पंजाब भाजपा की नई टीम के गठन के बाद पार्टी के भीतर कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं की नाराजगी सामने आने की चर्चा रही है। संगठन में पदों के बंटवारे और नई जिम्मेदारियों को लेकर उठे सवालों के बीच केंद्रीय नेतृत्व अब स्थिति को सामान्य करने में जुटा है।

भाजपा नेतृत्व की प्राथमिकता है कि संगठन में किसी भी तरह की अंदरूनी खींचतान का असर आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर न पड़े। पार्टी के लिए पंजाब में मजबूत संगठन खड़ा करना महत्वपूर्ण है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ संगठन पदाधिकारी का सीधे पंजाब पहुंचकर नेताओं से संवाद करना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

चुनावी मोड में लाने की तैयारी

बीएल संतोष के दौरे का एक प्रमुख उद्देश्य पंजाब भाजपा को चुनावी मोड में लाना भी माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि संगठनात्मक स्तर पर चल रही गतिविधियों को और गति दी जाए तथा बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाए।

जोनवार बैठकों के दौरान चुनावी रणनीति, संगठन विस्तार, सदस्यता और जनसंपर्क अभियानों सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है। इसके साथ ही पार्टी यह भी जानना चाहती है कि अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के बीच संगठन को लेकर क्या धारणा है और किन क्षेत्रों में अतिरिक्त मेहनत की जरूरत है।

नेताओं के बीच समन्वय पर जोर

पार्टी संगठन में किसी भी चुनावी अभियान की सफलता के लिए प्रदेश नेतृत्व, जिला पदाधिकारियों और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल जरूरी माना जाता है। ऐसे में बीएल संतोष के दौरे के दौरान नेताओं के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।

नई जिम्मेदारियां मिलने के बाद पार्टी पदाधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन को सक्रिय और एकजुट रखना है। केंद्रीय नेतृत्व की कोशिश होगी कि वरिष्ठ नेताओं और नए पदाधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो तथा किसी भी तरह की नाराजगी को बातचीत के जरिए दूर किया जाए।

जमीनी फीडबैक पर रहेगा फोकस

बैठकों के दौरान केवल प्रदेश नेतृत्व से ही नहीं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों के नेताओं से जमीनी स्थिति की जानकारी लेने पर भी जोर रहेगा। पार्टी यह आकलन करेगी कि संगठन की गतिविधियां कितनी प्रभावी हैं और कार्यकर्ताओं की सक्रियता किस स्तर पर है।

पटियाला, बठिंडा, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर जैसे महत्वपूर्ण जोन में पार्टी की स्थिति को लेकर स्थानीय नेताओं का फीडबैक आगामी रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। इन बैठकों के आधार पर संगठन में आवश्यक बदलाव या सुधार के संबंध में भी केंद्रीय नेतृत्व निर्णय ले सकता है।

केंद्रीय नेतृत्व का सीधा संदेश

बीएल संतोष का पंजाब दौरा प्रदेश संगठन के लिए केंद्रीय नेतृत्व की गंभीरता का संकेत भी माना जा रहा है। नई टीम के गठन के बाद पैदा हुए मतभेदों को जल्द दूर कर पार्टी को एकजुट करना और चुनावी तैयारियों को गति देना भाजपा की प्राथमिकता में है।

दो दिनों तक चलने वाली बैठकों के बाद पंजाब भाजपा के संगठनात्मक कामकाज को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि जोनवार बैठकों में नेताओं की ओर से किस तरह का फीडबैक सामने आता है और केंद्रीय नेतृत्व संगठन के स्तर पर किन बदलावों और रणनीतियों को आगे बढ़ाता है।

फिलहाल बीएल संतोष के पंजाब दौरे ने प्रदेश भाजपा की राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है। पार्टी नेतृत्व की कोशिश साफ तौर पर संगठन में असंतोष को थामने, नेताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावी चुनौती के लिए तैयार करने की है।

Next Story