पंजाब

Punjab रियल एस्टेट मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, फ्लैट से नगद गायब

Ratna Netam
8 May 2026 1:09 PM IST
Punjab रियल एस्टेट मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, फ्लैट से नगद गायब
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Punjab.पंजाब: आर्थिक अपराधों पर नज़र रखने वाली केंद्रीय एजेंसी ईडी (Enforcement Directorate) ने पंजाब में रियल एस्टेट कारोबारियों के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान खरड़ के एक फ्लैट से 21 लाख रुपये नगद गायब पाए जाने की जानकारी सामने आई है। यह मामला राज्य में रियल एस्टेट और मनी लॉन्ड्रिंग जांच को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने कई शहरों में अलग-अलग रियल एस्टेट परियोजनाओं और अधिकारियों से जुड़े ठिकानों पर रेड की। उनका उद्देश्य अवैध धन के लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत इकट्ठा करना था। जांच में सामने आया कि खरड़ के एक फ्लैट में रखे 21 लाख रुपये अचानक गायब हो गए, जिससे छापेमारी में जुटी टीम और अधिकारी सकते में हैं।
ईडी अधिकारियों ने बताया कि यह छापेमारी लंबे समय से चल रही जांच का हिस्सा है। उन्होंने कहा, "हमने रियल एस्टेट कारोबारियों के कई ठिकानों पर छापा मारा और दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य सबूत जब्त किए हैं। इस छापेमारी के दौरान 21 लाख रुपये नगद गायब होने की घटना सामने आई है, जिसकी जांच जारी है।"
स्थानीय रियल एस्टेट व्यापारी और पड़ोसी इस घटना को लेकर चिंतित हैं। कई लोगों ने कहा कि यह घटना शहर में रियल एस्टेट क्षेत्र की छवि को प्रभावित कर सकती है। वहीं कुछ लोग ईडी की कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं और उम्मीद जताई है कि इससे मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध लेनदेन पर लगाम लगेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि रियल एस्टेट सेक्टर में बड़े पैमाने पर नकद लेनदेन और कानूनी प्रक्रियाओं में ढील ने इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा दिया है। उन्होंने जोर दिया कि ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई से केवल अवैध लेनदेन पर नियंत्रण नहीं लगता, बल्कि निवेशकों और आम लोगों में विश्वास भी बहाल होता है।
ईडी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि खरड़ फ्लैट से गायब 21 लाख रुपये कहां गए और किसने इसे हटाया। अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में तकनीकी और फॉरेंसिक जांच भी की जा रही है। जांच में डिजिटल ट्रैकिंग, बैंक रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की मदद ली जा रही है।
पुलिस और प्रशासन ने भी ईडी की कार्रवाई में सहयोग किया। स्थानीय प्रशासन ने छापेमारी के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए। इसके अलावा, रियल एस्टेट संघ और व्यापारिक संगठन भी ईडी की कार्रवाई के असर और प्रतिक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं।
इस मामले ने पंजाब में रियल एस्टेट सेक्टर और मनी लॉन्ड्रिंग जांच की संवेदनशीलता को उजागर किया है। व्यापारी और विशेषज्ञ दोनों मानते हैं कि यह सिर्फ शुरुआती कदम है और आगे भी कई खुलासे हो सकते हैं। ईडी की कार्रवाई से यह संदेश गया है कि वित्तीय अपराधों पर सख्त नजर रखी जाएगी और कोई भी लेनदेन कानून के दायरे से बाहर नहीं रहेगा।
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