पंजाब

चंडीगढ़-मोहाली में ED छापेमारी, अमन अरोड़ा जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग जांच से

Payal
8 May 2026 12:56 PM IST
चंडीगढ़-मोहाली में ED छापेमारी, अमन अरोड़ा जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग जांच से
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Punjab.पंजाब: पंजाब में चल रहे लैंड स्कैम और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चंडीगढ़ और मोहाली में शुक्रवार को व्यापक छापेमारी की। इस दौरान ED ने पंजाब के AAP चीफ अमन अरोड़ा का नाम भी जांच में लिया है। अधिकारियों ने बताया कि अमन अरोड़ा से जुड़े वित्तीय लेन-देन और संपत्ति के स्रोत की जांच की जा रही है।
ED के सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी विशेष रूप से उन परिसरों और कार्यालयों पर केंद्रित थी जहां कथित रूप से अवैध लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग की गतिविधियां हुईं। अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में अमन अरोड़ा के नाम पर कुछ संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन के दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें आगे की जांच के लिए जब्त किया गया है।
AAP पंजाब ने इस कार्रवाई पर तुरंत प्रतिक्रिया दी और इसे राजनीतिक हमला करार दिया। पार्टी ने कहा कि ED की कार्रवाई बिना किसी ठोस साक्ष्य के की जा रही है और यह केंद्र की ओर से राज्य सरकार और विपक्षी नेताओं को दबाने की रणनीति का हिस्सा है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा, "अमन अरोड़ा और AAP का नाम फर्जी आरोपों में घसीटा जा रहा है। हम पूरी जांच प्रक्रिया का पालन करेंगे, लेकिन यह स्पष्ट है कि राजनीतिक उद्देश्य साधे जा रहे हैं।"
विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब में लैंड स्कैम और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी जांचें आमतौर पर लंबी और जटिल होती हैं। इसमें कई दस्तावेजों, बैंक ट्रांजेक्शन्स और संपत्ति के स्रोतों की विस्तृत जांच करनी पड़ती है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में आरोपी के नाम को जांच में लेना प्रारंभिक चरण का हिस्सा होता है और इसका मतलब यह नहीं है कि कोई दोष साबित हुआ है।
इससे पहले पंजाब में कई बड़े लैंड स्कैम और मनी लॉन्ड्रिंग मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें बड़ी राजनीतिक और सामाजिक हलचल रही है। ED ने पिछले वर्षों में कई राजनेताओं और व्यापारियों के खिलाफ छापेमारी की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि एजेंसी इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। इन रिकॉर्ड की जांच से यह पता लगाया जाएगा कि क्या अमन अरोड़ा के नाम से कोई अवैध लेन-देन हुआ या नहीं। इसके साथ ही, मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों और कंपनियों की भी जांच की जाएगी।
राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे सरकार की आलोचना का मुद्दा बनाया है, जबकि AAP ने इसे केंद्र की ओर से राजनीतिक दबाव का प्रयास बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच से ही स्थिति स्पष्ट होगी।
इस छापेमारी के बाद पंजाब में राजनीतिक और सामाजिक हलचल बढ़ने की संभावना है। जनता और मीडिया भी इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। ED ने फिलहाल बयान में कहा है कि जांच जारी है और कोई भी निष्कर्ष जल्दबाजी में नहीं निकाले जाएंगे।
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