पंजाब

ईडी ने पटियाला, मोहाली में कॉल सेंटरों पर छापा मारा

Kiran
16 Sept 2026 11:59 AM IST
ईडी ने पटियाला, मोहाली में कॉल सेंटरों पर छापा मारा
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Patiala/Mohali पटियाला/मोहाली, 16 सितम्बर। डायरेक्टोरेट (ईडी) ने पंजाब के प्लाजा और मोहाली में फर्जीवाड़े के तहत फर्जी कॉल सेंटरों से जुड़ी कथित धोखाधड़ी की जांच की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ईडी की बैठक में मंगलवार रात दोनों जगहों पर कार्रवाई शुरू हुई। राजभवन के रियल एस्टेट चरण-2 में स्थित दो अभिलेखों पर कार्रवाई के दौरान सीलबंद जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी के रिकॉर्ड से देर रात तक संबंधित परिसरों में मौजूद अवशेष और साक्ष्य और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी है।
आरंभिक जानकारी के अनुसार, पठारी क्षेत्र में शहरी आवासीय चरण-2 के पंजीकरण क्षेत्र में कुछ परिसरों पर कार्रवाई की गई है। स्थानीय स्तर पर इन परिसरों को कुछ कॉल सेंटर से दर्शन कराया जा रहा है। हालाँकि, ईडी की ओर से इस ताज़ा कार्रवाई के संबंध में अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सामानों में क्या-क्या बरामद हुआ या जांच में किन लोगों की भूमिका सामने आई है।
मोहाली में फर्जी कॉल सेंटर से जुड़े मामलों में ईडी ने पहले भी कार्रवाई की है। अगस्त 2026 में एजेंसी ने एक कथित फर्जी टेक-सपोर्ट कॉल सेंटर नेटवर्क का लालच दिया जो कि चंडीगढ़, मोहाली, पंजाब और मध्य प्रदेश के कुल आठ क्षेत्रों में था। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम यानी पीएमएलए के तहत की गई थी। उस जांच में कुछ लोग और सोसायटी से जुड़े समसाहों का संकलन किया गया था।
ईडी की उस जांच के दौरान, नेटवर्क में तकनीकी सहायता के नाम पर रिपोर्ट में निवास वाले के अनुसार लोगों को बनाए रखने की बात सामने आई थी। जांच एजेंसी का आरोप था कि कंप्यूटर में तकनीकी समस्या होने का दंगा संदेश वाले पॉप-अप और लिंक का इस्तेमाल किया जाता था। इसके बाद स्क्रीन पर दिए गए टोल-फ्री नंबरों के माध्यम से कथित कॉल सेंटर से संपर्क किया गया था। एजेंसी इस बात की जांच कर रही थी कि इस कथित धोखाधड़ी से प्राप्त धन को किस तरह विभिन्न माध्यमों से स्थानांतरित किया गया था।
अगस्त की कार्रवाई में ईडी ने विजय राज कपूरिया, वरिन्दर राज, इन्फिम इंटरनैशनल एलएलपी और उनसे जुड़े अन्य लोगों और साझा से संबंधित डोमेन की राह ली थी। जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा धन के लेन-डेन और मनी लॉन्ड्रिंग के रास्ते पर कथित तौर पर बताया गया था। उपलब्ध रिपोर्ट में अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को कथित टेक-सपोर्ट धोखाधड़ी के माध्यम से बनाए रखने का उल्लेख है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अगस्त में हुई घोटाले के दौरान हुई छापेमारी और बैंक दस्तावेजों से संबंधित कार्रवाई भी की गई थी। कुछ रिपोर्ट्स में कुल करीब 70 लाख रुपये की रकम और बैंक बैलेंस से जुड़ी नकदी की जब्ती या रेफ्रिजरेटर से जुड़ी जानकारी दी गई थी। हालाँकि, इस नकदी और कार्रवाई से जुड़े विस्तृत विवरण अलग-अलग तरीकों से सामने आए हैं, इसलिए आधिकारिक ईडी रिकॉर्ड के सभी आंकड़ों को अंतिम निष्कर्ष के रूप में देखे बिना नहीं किया जाएगा।
पैलेस और महल में हुई ताजा कार्रवाई को इसी व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है, लेकिन 16 सितंबर को सीधे अगस्त में हुई जांच से यह स्पष्ट नहीं है कि किसी अलग मामले की जांच का हिस्सा है। ईडी की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही दोनों कारवाइयों के बीच संबंध और जांच का पूरा खुलासा हुआ। ईडी की शुरूआती कार्रवाई का उद्देश्य आम तौर पर संबंधित दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक इलेक्ट्रॉनिक्स से जांच करना होता है। किसी भी सम्मिलन पर छापा मारना आपके संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले में आगे की जांच, दस्तावेजों की जांच और यदि आवश्यकता हुई तो कानूनी कार्रवाई के बाद ही आरोप की स्थिति स्पष्ट होगी।
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