
मोहाली जिला: लालड़ू क्षेत्र में नेशनल हाईवे-44 पर पुलिस ने नशे की बड़ी खेप पकड़ने में सफलता हासिल की है। दप्पर टोल प्लाजा के पास नाकाबंदी के दौरान दो युवकों को नशीली गोलियों के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी हरियाणा रोडवेज की बस से उतरकर पंजाब में नशे की गोलियों की सप्लाई करने जा रहे थे। पुलिस को देखते ही दोनों युवकों ने अपने बैग खेत में फेंक दिए, लेकिन शक के आधार पर उन्हें पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान खेत में फेंके गए बैग से लोमोटिल की करीब 31 हजार गोलियां बरामद हुईं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, लालड़ू पुलिस की टीम दप्पर टोल प्लाजा के पास वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान हरियाणा रोडवेज की एक बस वहां पहुंची। बस से दो युवक नीचे उतरे। पुलिस की मौजूदगी देखकर दोनों अचानक घबरा गए और तेज कदमों से वहां से जाने लगे। उनकी संदिग्ध गतिविधियों को देखकर पुलिस ने उनका पीछा किया। पुलिस के मुताबिक, युवकों ने पकड़े जाने के डर से अपने पास रखे बैग खेतों में फेंक दिए। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को मौके पर ही पकड़ लिया और खेत में फेंके गए बैगों की जांच की। बैग खोलने पर उसमें बड़ी संख्या में लोमोटिल की गोलियां मिलीं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पटियाला जिले के गांव घड़ामा निवासी वरिंदर सिंह और गांव खूहा निवासी हरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे उत्तर प्रदेश के बनारस से यह नशीली दवाइयों की खेप लेकर आए थे। उनका उद्देश्य पंजाब और आसपास के इलाकों में इन गोलियों की सप्लाई करना था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ लालड़ू थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 के तहत केस दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस नशे के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्क और पिछले रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है, ताकि नशे के इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी है और हाईवे समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस का कहना है कि अवैध नशीली दवाओं की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दप्पर टोल प्लाजा पर हुई इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। 31 हजार नशीली गोलियों की बरामदगी से यह साफ है कि तस्कर बड़े स्तर पर इस तरह की खेप को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस अब इस मामले में आगे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।





