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पंजाब में बढ़ती ड्रग ओवरडोज से मौतें, NCRB रिपोर्ट में दूसरा स्थान

Ratna Netam
8 May 2026 12:53 PM IST
पंजाब में बढ़ती ड्रग ओवरडोज से मौतें, NCRB रिपोर्ट में दूसरा स्थान
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Punjab.पंजाब: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पंजाब में ड्रग ओवरडोज से होने वाली मौतों का आंकड़ा चिंता बढ़ा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत के राज्यों में पंजाब इस समस्या के मामले में दूसरे नंबर पर है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य में नशे की लत और इसके परिणामस्वरूप होने वाली जानलेवा घटनाओं पर नियंत्रण एक गंभीर चुनौती बन गया है।
NCRB की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल पंजाब में ड्रग ओवरडोज से संबंधित कई मौतें हुईं, जिनमें युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब के कुछ हिस्सों में नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता और बढ़ती सामाजिक समस्याएं इस स्थिति को और गंभीर बना रही हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि युवा पीढ़ी में नशे के बढ़ते प्रचलन का मुख्य कारण बेरोजगारी, मानसिक तनाव और परिवारिक समस्याएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल सख्ती करने की बजाय रोकथाम और उपचार पर भी जोर देना चाहिए।
राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने NCRB रिपोर्ट की पुष्टि करते हुए कहा कि पंजाब में ड्रग ओवरडोज की घटनाओं को रोकने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विशेष पुनर्वास केंद्र, नशा मुक्ति अभियान और मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं, ताकि युवा और उनके परिवारों को सहायता मिल सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि नशे के मामलों में पंजाब का स्थान चिंता का विषय है क्योंकि यह राज्य की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर भी असर डालता है। उन्होंने कहा कि ड्रग ओवरडोज से मौतों की उच्च दर न केवल व्यक्तिगत और पारिवारिक त्रासदी पैदा करती है, बल्कि समाज में अपराध और असामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देती है।
NCRB रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत में कुल ड्रग ओवरडोज से होने वाली मौतों में पंजाब का हिस्सा अपेक्षाकृत अधिक है। इसके पीछे कारणों में नशे की उपलब्धता, कम जागरूकता, और समय पर उपचार न मिलना शामिल है। रिपोर्ट में सलाह दी गई है कि राज्यों को नशा मुक्ति केंद्रों का विस्तार करना चाहिए और समुदाय आधारित जागरूकता कार्यक्रम शुरू करने चाहिए।
राज्य सरकार ने इस रिपोर्ट के बाद यह आश्वासन दिया है कि ड्रग ओवरडोज के मामलों को कम करने के लिए प्रभावी नीति और सख्त निगरानी लागू की जाएगी। इसके तहत पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मिलकर नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री पर कड़ी कार्रवाई करेंगे।
विश्लेषकों का कहना है कि अगर पंजाब में नशे की इस समस्या पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया, तो यह राज्य के युवाओं और उनके परिवारों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, और पुनर्वास कार्यक्रमों के माध्यम से ही इस संकट को नियंत्रित किया जा सकता है।
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