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पंजाब सरकार के कर्मचारियों की सैलरी को लेकर चर्चा तेज, केंद्र से अधिक वेतन मिलने का दावा

Kavita2
4 Aug 2026 11:01 AM IST
पंजाब सरकार के कर्मचारियों की सैलरी को लेकर चर्चा तेज, केंद्र से अधिक वेतन मिलने का दावा
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चंडीगढ़। पंजाब सरकार के कर्मचारियों के वेतन ढांचे को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। दावा किया जा रहा है कि राज्य सरकार के कई कैडर के कर्मचारियों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तुलना में काफी अधिक वेतन मिलता रहा है। राज्य के पे-स्ट्रक्चर के कारण कुछ श्रेणियों में पंजाब सरकार के कर्मचारियों का वेतन केंद्र सरकार के समान पदों पर कार्यरत कर्मचारियों से 30 प्रतिशत से 70 प्रतिशत तक अधिक बताया जा रहा है।

यह मामला उस समय सामने आया है, जब पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित महंगाई भत्ते (DA) का भुगतान दो सप्ताह के भीतर करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार पर बकाया भुगतान को लेकर दबाव बढ़ गया है और कर्मचारियों की आर्थिक मांगों को लेकर बहस फिर तेज हो गई है।

वेतन संरचना से जुड़े जानकारों का कहना है कि केंद्र और पंजाब सरकार के कर्मचारियों के बीच अंतर केवल महंगाई भत्ते (DA) के प्रतिशत से तय नहीं होता, बल्कि मूल वेतन (Basic Pay), पे-लेवल और विभिन्न भत्तों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। पंजाब सरकार के कुछ विभागों और कैडर में लागू पे-स्केल ऐतिहासिक रूप से ऐसे रहे हैं, जिनके कारण कर्मचारियों का कुल मासिक वेतन कई मामलों में केंद्र सरकार के कर्मचारियों से अधिक बन जाता है।

बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को जहां अधिक महंगाई भत्ता मिलता है, वहीं पंजाब के कई कर्मचारियों को ऊंचे मूल वेतनमान का लाभ मिलता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का बेसिक पे अधिक है तो कम प्रतिशत DA के बावजूद उसका कुल वेतन अधिक हो सकता है। इसी आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 60 प्रतिशत DA मिलने की तुलना में पंजाब सरकार के कर्मचारियों को 42 प्रतिशत DA मिलने के बावजूद कई श्रेणियों में कुल वेतन अधिक बना रहता है।

हालांकि, कर्मचारियों के संगठनों का कहना है कि केवल वेतन तुलना के आधार पर पूरी स्थिति को नहीं देखा जाना चाहिए। उनका तर्क है कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों की बढ़ती जीवन लागत को पूरा करने के लिए दिया जाता है और लंबे समय से लंबित DA एरियर का भुगतान कर्मचारियों का अधिकार है। पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की ओर से लगातार मांग की जाती रही है कि बकाया महंगाई भत्ता जल्द जारी किया जाए।

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के हालिया निर्देश के बाद अब राज्य सरकार को लंबित DA भुगतान को लेकर समय सीमा के भीतर निर्णय लेना होगा। कोर्ट ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को बकाया राशि जारी करने के निर्देश दिए हैं। इससे राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

वेतन और भत्तों को लेकर पंजाब में यह बहस नई नहीं है। राज्य सरकार पहले भी अपने कर्मचारियों के पे-रिवीजन, छठे वेतन आयोग की सिफारिशों और भत्तों में बदलाव को लेकर आलोचनाओं और मांगों का सामना करती रही है। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करने और लंबित वित्तीय लाभ देने से कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

दूसरी ओर, राज्य सरकार के सामने वित्तीय प्रबंधन की चुनौती भी बनी हुई है। कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और लंबित भत्तों का भुगतान राज्य के बजट पर बड़ा प्रभाव डालता है। सरकार को एक ओर कर्मचारियों की मांगों को पूरा करना है, वहीं दूसरी ओर वित्तीय संसाधनों का संतुलन बनाए रखना है।

विशेषज्ञों के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के वेतन की तुलना करते समय पद, सेवा शर्तों, भत्तों, तैनाती क्षेत्र और अन्य सुविधाओं को भी ध्यान में रखना जरूरी है। केवल DA प्रतिशत या पे-स्केल के आधार पर पूरी तस्वीर सामने नहीं आती।

फिलहाल, हाई कोर्ट के आदेश के बाद पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि बकाया DA का भुगतान निर्धारित समय में किया जाता है, तो इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनधारकों को आर्थिक राहत मिल सकती है। वहीं, वेतन ढांचे को लेकर केंद्र और राज्य कर्मचारियों के बीच तुलना की बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है।

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