पंजाब

परवेश को अर्जुन अवॉर्ड न मिलने पर Ludhiana में निराशा की लहर

Ratna Netam
24 April 2026 1:48 PM IST
परवेश को अर्जुन अवॉर्ड न मिलने पर Ludhiana में निराशा की लहर
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Punjab.पंजाब: पंजाब के युवा और कुशल खिलाड़ी परवेश ने खेलों में अपने शानदार प्रदर्शन और लगातार उपलब्धियों के बावजूद अर्जुन अवॉर्ड न मिलने के कारण गहरी निराशा व्यक्त की है। परवेश ने स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतियोगिताओं में नाम कमाया है, लेकिन इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से वंचित रहकर वे और उनके समर्थक दुखी हैं।
परवेश की खेल यात्रा प्रेरक रही है। उन्होंने देश और राज्य के लिए कई मेडल और ट्रॉफी जीती हैं। उनकी मेहनत, समर्पण और खेल कौशल ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि परवेश ने जिस तरह लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, उसके बावजूद उन्हें अर्जुन अवॉर्ड न मिलना खेल जगत के लिए एक अप्रत्याशित और निराशाजनक कदम है।
परवेश ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि वह पुरस्कार को केवल व्यक्तिगत सम्मान के रूप में नहीं देखते, बल्कि यह उनके खेल और मेहनत की पहचान है। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा अपने खेल को बेहतरीन स्तर पर रखने का प्रयास किया है। पुरस्कार मिलने से ज्यादा मायने यह रखते हैं कि आप अपने खेल और देश के लिए क्या योगदान देते हैं। लेकिन अवॉर्ड न मिलना निराशा का कारण जरूर बना।”
स्थानीय खेल प्रेमियों और प्रशंसकों ने भी परवेश के पक्ष में आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि परवेश ने अपने करियर में जिस तरह अनुशासन और लगन दिखाई है, उसे देखते हुए उन्हें अर्जुन अवॉर्ड का हकदार माना जाना चाहिए था। कई खिलाड़ियों और कोचों ने सोशल मीडिया और खेल मंचों पर परवेश के लिए समर्थन जताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुरस्कार देने की प्रक्रिया में कई बार मानदंडों और चयन समिति के फैसलों के कारण ऐसे अनुभवी और योग्य खिलाड़ी वंचित रह जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इससे खिलाड़ियों की प्रेरणा को नुकसान नहीं होना चाहिए और परवेश जैसा युवा खिलाड़ी भविष्य में और भी उपलब्धियां हासिल कर सकता है।
परवेश ने कहा कि वह निराशा को अपनी ताकत बनाकर आगे बढ़ेंगे और आने वाले समय में खेल के क्षेत्र में और ऊँचाई तक पहुंचने का प्रयास करेंगे। उनका मानना है कि असली सफलता पुरस्कार में नहीं बल्कि अपने खेल और देश के लिए किए गए योगदान में निहित होती है।
लुधियाना में उनके प्रशंसक और खेल प्रेमी परवेश के हौसले को सलाम कर रहे हैं और उन्हें भविष्य में और बड़ी उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएँ दे रहे हैं। यह घटना खेल जगत में यह संदेश देती है कि पुरस्कार महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन खेल और मेहनत की असली कद्र खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता और प्रयास से होती है।
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