पंजाब

पंजाब की सड़कों से हटेंगे बेसहारा पशु गौशालाओं को सरकार की बड़ी मदद

Ratna Netam
24 Sept 2026 5:59 PM IST
पंजाब की सड़कों से हटेंगे बेसहारा पशु गौशालाओं को सरकार की बड़ी मदद
x
अमृतसर। पंजाब सरकार ने राज्य की गौशालाओं को बड़ी राहत देते हुए करीब 518 गौशालाओं के 100 करोड़ रुपये से अधिक के बिजली बिल माफ कर दिए हैं। पंजाब गौ सेवा आयोग के वाइस चेयरमैन कीमती भगत ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार गौशालाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ ही सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा और आवारा गोवंश की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में काम कर रही है। अमृतसर जिले की 14 गौशालाएं भी इस योजना में शामिल हैं।कीमती भगत ने अमृतसर में डिप्टी कमिश्नर, डिप्टी डायरेक्टर, गौशाला प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पंजाब की सड़कों पर कोई भी बेसहारा या आवारा गाय नहीं रहनी चाहिए। ऐसे पशुओं की देखभाल और रखरखाव सरकारी या निजी गौशालाओं में सुनिश्चित किया जाना है।
पंजाब सरकार ने अगस्त में 152 और गौशालाओं को मुफ्त बिजली योजना के दायरे में लाने की मंजूरी दी थी। इससे योजना में शामिल गौशालाओं की संख्या 366 से बढ़कर 518 हो गई। सरकार का कहना था कि सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा पशुओं की समस्या से निपटने में गौशालाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है और उनके प्रबंधन को मजबूत करना जरूरी है।कीमती भगत ने बताया कि गौशालाओं के बिजली बिल माफ होने से उनके संचालन पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम होगा। गौशालाओं में बड़ी संख्या में पशुओं की देखभाल के लिए बिजली, पानी, चारा, चिकित्सा और अन्य व्यवस्थाओं की जरूरत होती है। ऐसे में बिजली खर्च से राहत मिलने पर गौशाला प्रबंधन अपने उपलब्ध संसाधनों का उपयोग पशुओं की देखभाल और सुविधाओं को बेहतर बनाने में कर सकेगा।
उन्होंने बताया कि घायल गोवंश को सुरक्षित तरीके से उठाकर उपचार या गौशाला तक पहुंचाने के लिए सरकार ने आयोग की सिफारिश पर काऊ लिफ्टर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की है। अमृतसर जिले की 14 गौशालाओं को भी इसका लाभ मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक इस व्यवस्था पर करीब 3.6 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।इसके साथ ही गौशालाओं में रखे गए प्रत्येक गोवंश की देखभाल के लिए प्रतिदिन 61 रुपये उपलब्ध कराने संबंधी नोटिफिकेशन जारी किए जाने की जानकारी भी दी गई है। भगत के मुताबिक इस व्यवस्था को लागू करने के लिए जल्द बैठक की जाएगी और गौशालाओं को राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य बेसहारा पशुओं के चारे, रखरखाव और दूसरी आवश्यकताओं के लिए गौशालाओं को अतिरिक्त सहायता देना है।
पंजाब में सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा पशुओं का मुद्दा केवल पशु कल्याण से ही नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा और कृषि से भी जुड़ा हुआ है। भगत ने कहा कि बेसहारा पशुओं के कारण किसानों की फसलों को नुकसान होने के साथ सड़क दुर्घटनाओं और यातायात संबंधी समस्याओं का खतरा रहता है। सरकार की कोशिश ऐसे पशुओं को सड़कों से हटाकर व्यवस्थित तरीके से गौशालाओं में पहुंचाने की है।गौ सेवा आयोग के वाइस चेयरमैन ने कहा कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने और गौशालाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न जिलों में अधिकारियों तथा गौशाला संचालकों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। इन बैठकों में गौशालाओं के प्रबंधन, उपलब्ध सुविधाओं और बेसहारा पशुओं को रखने की क्षमता जैसे विषयों पर चर्चा की जा रही है।
बैठक में गौ-सेस से जुड़ा विषय भी सामने आया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नगर निकायों और विभिन्न विभागों के पास एकत्र होने वाली गौ-सेस की राशि का इस्तेमाल गोवंश की देखभाल, सुरक्षा और कल्याण के लिए किया जाए। इसके अलावा अधिकारियों को गौशाला प्रबंधकों के साथ हर तीन महीने में बैठक करने और सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं को जल्द से जल्द गौशालाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।सरकार का जोर सरकारी और निजी दोनों तरह की गौशालाओं में व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर है। बिजली बिल माफी से लेकर काऊ लिफ्टर और प्रति गोवंश रखरखाव सहायता जैसे कदम इसी योजना का हिस्सा बताए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य गौशालाओं की क्षमता बढ़ाना है, ताकि सड़कों से हटाए गए पशुओं की उचित देखभाल की जा सके।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अगस्त में गौशालाओं के लिए मुफ्त बिजली का दायरा बढ़ाते समय कहा था कि गौशालाएं बेसहारा पशुओं के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और राज्य सरकार इनके बेहतर प्रबंधन के लिए सहयोग जारी रखेगी। 152 अतिरिक्त गौशालाओं को शामिल करने के बाद राज्य में कुल 518 गौशालाओं को मुफ्त बिजली के दायरे में लाया गया।फिलहाल पंजाब सरकार का लक्ष्य गौशालाओं को आर्थिक और बुनियादी सुविधाओं के स्तर पर मजबूत करने के साथ सड़कों पर बेसहारा पशुओं की संख्या कम करना है। 100 करोड़ रुपये से अधिक के बिजली बिल माफ करने का फैसला इसी दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके साथ गोवंश के रखरखाव के लिए वित्तीय सहायता और घायल पशुओं को गौशालाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था से पशु कल्याण तथा सड़क सुरक्षा दोनों में सुधार की उम्मीद की जा रही है।
Next Story