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गृह मंत्री अमित शाह दें जवाब
अमृतसर: दिल्ली के ऐतिहासिक गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिसकर्मियों के जूते पहनकर और बिना सिर ढके प्रवेश करने के कथित मामले को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के पंजाब के 10 विधायकों ने सोमवार को श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचकर इस घटना पर नाराजगी जताई। विधायकों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अकाल तख्त में तलब कर स्पष्टीकरण मांगने की अपील की। उन्होंने इस घटना को सिख धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
आम आदमी पार्टी के विधायकों का प्रतिनिधिमंडल डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर के नेतृत्व में श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय पहुंचा। यहां उन्होंने सचिवालय प्रभारी बगीचा सिंह को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब में हुई घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता का सम्मान किया जाना चाहिए।
विधायकों का आरोप है कि दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मचारी जूते पहने और सिर बिना ढके गुरुद्वारा परिसर में दाखिल हुए थे। उनका कहना है कि इस तरह का आचरण सिख परंपराओं और गुरुद्वारे की मर्यादा के विपरीत है। विधायक इंद्रबीर सिंह निज्जर ने कहा कि गुरुद्वारे हर जरूरतमंद के लिए शरण और सहायता का स्थान होते हैं। ऐसे में पुलिस की किसी भी कार्रवाई के दौरान धार्मिक परंपराओं का ध्यान रखा जाना आवश्यक है।
विधायकों ने कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है। इसलिए उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से इस घटना को लेकर जवाब मांगने की अपील की। प्रतिनिधिमंडल ने अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज से मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। आम आदमी पार्टी के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने 10 अक्टूबर की घटना को सिख समुदाय के लिए गंभीर बताया। वहीं, विधायक जीवनजोत कौर ने कहा कि इस घटनाक्रम से सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। इस मामले में गुरुद्वारा प्रबंधन और भाजपा ने आम आदमी पार्टी के आरोपों का विरोध किया है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने जूते पहनकर गुरुद्वारे के दरबार हॉल या लंगर हॉल में प्रवेश नहीं किया था।
प्रबंधन कमेटी ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने गुरुद्वारे के भीतर राजनीतिक नारेबाजी की थी। इसी शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने मामला भी दर्ज किया है। भाजपा ने अमित शाह को तलब करने की मांग को अनुचित बताया है।
इधर, अकाल तख्त सचिवालय में भी एक अलग विवाद सामने आया। विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने दावा किया कि उन्हें जाति के आधार पर सचिवालय में प्रवेश करने से रोका गया। सचिवालय के मीडिया सलाहकार जसकरण सिंह ने इस आरोप को खारिज किया। उन्होंने कहा कि ग्यासपुरा को जाति के कारण नहीं, बल्कि पहले की गई कथित आपत्तिजनक बयानबाजी की वजह से रोका गया था। इस घटनाक्रम के बाद अकाल तख्त सचिवालय ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल विधायकों को 15 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है। सचिवालय का आरोप है कि बैठक में बनी सहमति के बावजूद विधायकों ने बाहर मीडिया के सामने गलत बयान दिए।
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