पंजाब

शिक्षकों की परेशानी दूर करने के लिए APAR की समय सीमा बढ़ाने की मांग

Payal
3 May 2026 4:39 PM IST
शिक्षकों की परेशानी दूर करने के लिए APAR की समय सीमा बढ़ाने की मांग
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Jalandhar.जालंधर: राज्य के शिक्षक संघ ने अधिकारियों से अपील की है कि वह APAR (Annual Performance Appraisal Report) जमा करने की समय सीमा बढ़ा दें। संघ ने कहा कि वर्तमान समय सीमा में सभी शिक्षकों द्वारा रिपोर्ट तैयार करना और जमा करना मुश्किल हो रहा है। शिक्षक संघ के अध्यक्ष ने बताया कि इस साल स्कूलों में कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं, जैसे परीक्षाओं का आयोजन, ऑनलाइन शिक्षा का संचालन और स्कूलों की स्थानीय गतिविधियों में भागीदारी। उन्होंने कहा, “इन जिम्मेदारियों के बीच APAR तैयार करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। यदि समय सीमा बढ़ाई जाए तो शिक्षक इसे सही तरीके से पूरा कर पाएंगे।”
शिक्षक संघ ने अधिकारियों को पत्र भेजकर यह मांग औपचारिक रूप से रखी है। पत्र में कहा गया है कि APAR केवल एक फॉर्मलिटी नहीं है, बल्कि यह शिक्षकों के प्रदर्शन का मूल्यांकन और उनके कैरियर विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सही समय और पर्याप्त अवसर मिलने से शिक्षक इसे पूरी ईमानदारी और गुणवत्ता के साथ पूरा कर पाएंगे।
संघ ने यह भी उल्लेख किया कि कई शिक्षकों को तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में इंटरनेट और डिजिटल सुविधाओं की कमी के कारण APAR ऑनलाइन जमा करने में कठिनाई हो रही है। संघ ने आग्रह किया कि प्रशासन इन चुनौतियों को समझे और समय सीमा में आवश्यक ढील प्रदान करे।
शिक्षक संघ का कहना है कि समय सीमा बढ़ाने से न केवल शिक्षकों पर अतिरिक्त दबाव कम होगा बल्कि APAR की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। इसके साथ ही, यह कदम शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और सटीक मूल्यांकन को भी सुनिश्चित करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय-सीमा बढ़ाना शिक्षकों के लिए लाभकारी होगा। उन्होंने कहा, “यदि शिक्षकों को पर्याप्त समय मिलेगा तो वे अपनी रिपोर्ट में अपने वास्तविक प्रयास और उपलब्धियां शामिल कर पाएंगे। इससे मूल्यांकन और भविष्य की प्रोन्नति दोनों ही प्रभावी होंगी।”
शिक्षक संघ ने प्रशासन से यह भी कहा कि APAR जमा करने की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि आवश्यक हो तो विभाग द्वारा प्रशिक्षण और सहायता केंद्र भी स्थापित किए जाएँ।
राज्य शिक्षा विभाग ने इस मांग पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सूत्रों के अनुसार अधिकारियों द्वारा इस पर विचार किया जा रहा है और जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
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