पंजाब

किसानों पर संकट, Abohar में आग से बड़ी तबाही

Ratna Netam
18 April 2026 12:23 PM IST
किसानों पर संकट, Abohar में आग से बड़ी तबाही
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Punjab.पंजाब: अबोहर के पंजाब के Abohar क्षेत्र में एक भीषण आग ने सैकड़ों किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। जानकारी के अनुसार, अचानक लगी आग ने करीब 400 एकड़ में खड़ी फसल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे देखते ही देखते पूरी फसल जलकर राख हो गई। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और किसानों में भारी निराशा देखने को मिली।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की शुरुआत खेतों के एक कोने से हुई थी, जो तेज हवा के चलते तेजी से फैलती चली गई। कुछ ही समय में आग ने बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों और किसानों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि उन पर काबू पाना मुश्किल हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, तब तक काफी नुकसान हो चुका था। अनुमान है कि इस आग में करीब 400 एकड़ में फैली गेहूं की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। कई किसानों की सालभर की कमाई इस हादसे में जलकर खाक हो गई।
प्रभावित किसानों ने बताया कि वे कटाई से ठीक पहले अपनी फसल को लेकर बेहद उत्साहित थे, लेकिन इस आग ने उनके सारे सपनों को तोड़ दिया। एक किसान ने बताया कि उसने कर्ज लेकर खेती की थी और अब फसल के नुकसान से उसकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ जाएगी। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके।
प्रशासन के अधिकारियों ने मौके का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही आग लगने के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी लापरवाही को आग का कारण माना जा रहा है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में खेतों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, खासकर जब सूखी फसल और तेज हवाएं मौजूद हों। ऐसे में किसानों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है, जैसे खेतों के आसपास सूखी घास को हटाना और आग से बचाव के इंतजाम करना।
कुल मिलाकर, Abohar में हुई इस घटना ने एक बार फिर किसानों की संवेदनशील स्थिति को उजागर कर दिया है। अब सबकी नजरें प्रशासन और सरकार पर टिकी हैं कि वे किस तरह प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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