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क्रेडिट कार्ड फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश, दो महिलाएं गिरफ्तार

Kavita2
31 July 2026 1:47 PM IST
क्रेडिट कार्ड फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश, दो महिलाएं गिरफ्तार
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चंडीगढ़। यूटी पुलिस के साइबर क्राइम थाने ने क्रेडिट कार्ड फ्रॉड करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दिल्ली के उत्तम नगर से दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये महिलाएं बैंक अधिकारी बनकर लोगों को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का लालच देती थीं और फिर गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम देती थीं।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित महिलाएं साइबर अपराध के एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थीं। वे लोगों को फोन कर खुद को बैंक कर्मचारी बताती थीं और उन्हें क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, नए ऑफर या कार्ड अपग्रेड जैसी सुविधाओं का झांसा देती थीं। बातचीत के दौरान वे पीड़ितों से ओटीपी, सीवीवी नंबर और कार्ड से जुड़ी अन्य संवेदनशील जानकारियां हासिल कर लेती थीं।

जानकारी मिलने के बाद आरोपित इन विवरणों का इस्तेमाल कर क्रेडिट कार्ड से अवैध लेनदेन करती थीं। पुलिस ने बताया कि गिरोह ने कई लोगों को इसी तरीके से निशाना बनाया है और मामले की जांच के दौरान अन्य सदस्यों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

साइबर क्राइम थाने में दर्ज मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि उसे एसबीआई क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर फोन आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और कार्ड की सीमा बढ़ाने के लिए कुछ जानकारी मांगी। विश्वास में लेकर शिकायतकर्ता से ओटीपी और कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली गई।

इसके बाद शिकायतकर्ता के क्रेडिट कार्ड से करीब 1.92 लाख रुपये के अनधिकृत ट्रांजेक्शन कर दिए गए। जब पीड़ित को इस ठगी का पता चला तो उसने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

पुलिस ने तकनीकी जांच, मोबाइल नंबरों की पड़ताल और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर आरोपितों तक पहुंच बनाई। जांच के दौरान दिल्ली के उत्तम नगर से दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से 10 मोबाइल फोन और कई सिम कार्ड बरामद किए हैं।

यह कार्रवाई एसपी साइबर गीतांजलि खंडेलवाल के निर्देशन में की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नंबर, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की जांच की गई, जिसके आधार पर आरोपितों की पहचान हुई।

पुलिस अब गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ कर रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। बैंक अधिकारी कभी भी फोन पर ओटीपी, सीवीवी या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी नहीं मांगते हैं।

पुलिस ने बताया कि साइबर ठग लगातार नए तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, इनाम जीतने, केवाईसी अपडेट करने और बैंक खाता बंद होने जैसे बहानों से लोगों को झांसे में लिया जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ साइबर अपराधों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। ऐसे मामलों से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना साइबर पुलिस को देने की जरूरत है।

यूटी पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगी करने वाले गिरोहों पर शिकंजा कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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