पंजाब

पंजाब CM के OSD पर भ्रष्टाचार के आरोप CBI की छापेमारी से सियासी हलचल

Ratna Netam
8 Oct 2026 6:10 PM IST
पंजाब CM के OSD पर भ्रष्टाचार के आरोप CBI की छापेमारी से सियासी हलचल
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अमृतसर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्य अधिकारी (OSD) राजबीर सिंह घुमन और उनके सहयोगियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा जांच शुरू किए जाने के बाद राज्य की राजनीति में विवाद बढ़ गया है। चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित मकान नंबर 50 सहित पंजाब और चंडीगढ़ के आठ ठिकानों पर सीबीआई की तलाशी के बाद कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को अमृतसर में कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि इस पूरे प्रकरण का सच जनता के सामने आना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में सरकारी फाइलों की प्रतियां और व्हाट्सऐप चैट जैसी सामग्री सामने आई है, जिससे गंभीर सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और किसी भी आरोपी का दोष अभी अदालत में साबित नहीं हुआ है।
सीबीआई की छापेमारी के बाद कांग्रेस ने उठाए सवाल
अमृतसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सचिन पायलट ने पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी तथ्य सामने आए हैं, उनकी पूरी सच्चाई जनता को पता चलनी चाहिए।पायलट ने दावा किया कि किसी मौजूदा मुख्यमंत्री से जुड़े मामले में पहली बार इस तरह के दस्तावेजी साक्ष्य सामने आए हैं। उन्होंने सरकारी फाइलों की प्रतियों और व्हाट्सऐप चैट का उल्लेख करते हुए कहा कि इनकी जांच आवश्यक है।कांग्रेस नेता के इस बयान को राजनीतिक आरोप के रूप में देखा जा रहा है। जांच में सामने आई सामग्री के आधार पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की किसी व्यक्तिगत आपराधिक भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है।सचिन पायलट ने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े किसी भी मामले में जांच एजेंसियों को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए। उनके अनुसार, जनता को यह जानने का अधिकार है कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।
दुर्गियाना मंदिर में सचिन पायलट ने टेका मत्था
अमृतसर दौरे के दौरान सचिन पायलट ने प्रसिद्ध दुर्गियाना मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर में मत्था टेककर पंजाब के लोगों की सुख-समृद्धि की कामना की।पायलट ने पत्रकारों से कहा, "आज मैंने दुर्गियाना मंदिर में मत्था टेका। मैंने राज्य के लोगों की भलाई और खुशहाली के लिए प्रार्थना की और ईश्वर से आशीर्वाद व शक्ति मांगी ताकि मैं लोगों की सेवा कर सकूं।"उन्होंने अपने दौरे के दौरान पंजाब के राजनीतिक हालात और मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
चंडीगढ़ के सेक्टर-2 में सीबीआई ने की तलाशी
सीबीआई ने 6 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित मकान नंबर 50 पर तलाशी अभियान चलाया था। यह परिसर मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप कार्यालय के रूप में इस्तेमाल होने की जानकारी सामने आई है।जांच एजेंसी के अनुसार, राजबीर सिंह घुमन और अन्य आरोपियों से संबंधित कुल आठ ठिकानों पर तलाशी ली गई। इनमें चंडीगढ़ के अलावा मोहाली, संगरूर, पटियाला, जालंधर, लुधियाना और गुरदासपुर के परिसर शामिल थे।तलाशी के दौरान जांच एजेंसी ने लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई दस्तावेज जब्त किए। इनकी जांच कथित रिश्वतखोरी और सरकारी निर्णयों को प्रभावित करने के आरोपों के संबंध में की जा रही है।
राजबीर सिंह घुमन समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
सीबीआई ने मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन और पांच अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की है। अन्य आरोपियों में नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आरएस नागरा के नाम शामिल हैं।जांच एजेंसी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आपराधिक साजिश से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।आरोप है कि कुछ व्यक्तियों ने सरकारी अधिकारियों के तबादलों, नियुक्तियों, निविदाओं और अन्य प्रशासनिक फैसलों को प्रभावित करने के बदले अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास किया।प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से पंजाब पुलिस महानिदेशक को भेजी गई जानकारी में इन गतिविधियों का उल्लेख किया गया था। इस मामले में व्हाट्सऐप चैट और संबंधित दस्तावेज भी जांच का हिस्सा हैं।
हाई कोर्ट के आदेश पर शुरू हुई सीबीआई जांच
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने 5 अक्टूबर को मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया था। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री और शिकायत से जुड़े तथ्यों पर विचार करने के बाद जांच एजेंसी को कार्रवाई के निर्देश दिए।हाई कोर्ट ने सीबीआई को दो महीने के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अगली समीक्षा के लिए 7 दिसंबर की तारीख निर्धारित की गई है।इसके बाद सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज कर विभिन्न ठिकानों पर तलाशी शुरू की।
पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सरकार ने केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है।भगवंत मान ने भाजपा पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले उनकी सरकार की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।दूसरी ओर, विपक्षी दल मामले की निष्पक्ष जांच और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं।
सीबीआई के सामने पेश नहीं हुए ओएसडी
इस बीच राजबीर सिंह घुमन और अन्य आरोपियों को जांच के सिलसिले में सीबीआई के सामने उपस्थित होने के लिए बुलाया गया था।हालांकि, बुधवार को घुमन सीबीआई कार्यालय नहीं पहुंचे। मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारियों ने दावा किया कि उन्हें औपचारिक समन प्राप्त नहीं हुआ था।वहीं, जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इस विषय पर भी दोनों पक्षों के अलग-अलग बयान सामने आए हैं।
जांच के अगले कदम पर टिकी नजर
सीबीआई की कार्रवाई के बाद पंजाब में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की है, जबकि आम आदमी पार्टी सरकार ने जांच की परिस्थितियों और उसके पीछे राजनीतिक मंशा होने के आरोप उठाए हैं।फिलहाल सीबीआई की जांच जारी है और जब्त दस्तावेजों तथा डिजिटल सामग्री की पड़ताल की जा रही है। हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार की याचिका भी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।अब मामले में जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई, अदालत के निर्देश और संबंधित पक्षों के जवाब महत्वपूर्ण होंगे। जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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