पंजाब

अकाल तख्त साहिब की पेशी पर विवाद, सरकार पर गंभीरता न दिखाने का आरोप

SHIDDHANT
29 Jun 2026 10:56 PM IST
अकाल तख्त साहिब की पेशी पर विवाद, सरकार पर गंभीरता न दिखाने का आरोप
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Punjab पंजाब। पंजाब में एंटी-सैक्रिलेज कानून को लेकर सियासी और धार्मिक हलकों में तनाव बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर अकाल तख्त साहिब द्वारा मंत्रियों और विधायकों को पेशी के लिए बुलाए जाने के बाद नई बहस छिड़ गई है। इस पूरे मामले पर सिंह सभा गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष रघुबीर सिंह खालसा ने प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस संवेदनशील मुद्दे को शुरुआत से ही गंभीरता से लेना चाहिए था।
रघुबीर सिंह खालसा ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और उसकी गरिमा व अधिकारों का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस मुद्दे को समय रहते गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण आज यह स्थिति बनी है।
उन्होंने कहा कि यदि शुरुआत में ही संवाद और समन्वय स्थापित किया जाता, तो स्थिति इतनी जटिल नहीं होती। अब जो कमियां सामने आई हैं, उन्हें सुधारने की आवश्यकता है ताकि आगे किसी प्रकार का टकराव न हो। मामले को लेकर राजनीतिक और धार्मिक संगठनों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई संगठनों का मानना है कि धार्मिक संस्थाओं के आदेशों का सम्मान किया जाना चाहिए, जबकि कुछ लोग इसे प्रशासनिक प्रक्रिया से जोड़कर देख रहे हैं।
इस बीच, राज्य सरकार की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला धार्मिक भावनाओं और कानून व्यवस्था दोनों से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसका समाधान बातचीत और संतुलन के माध्यम से ही संभव है।
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