पंजाब

Punjab भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष नियुक्ति पर कांग्रेस नेता रंधावा का तीखा तंज

Kavita2
3 Jun 2026 12:14 PM IST
Punjab भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष नियुक्ति पर कांग्रेस नेता रंधावा का तीखा तंज
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Punjab पंजाब: पंजाब भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति पर कांग्रेस सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भाजपा नेतृत्व पर सवाल उठाए और तीखा राजनीतिक तंज कसा। चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में रंधावा ने कहा कि उन्हें केवल सिंह ढिल्लों को नई जिम्मेदारी मिलने पर खुशी है और वह उन्हें बधाई भी देते हैं।

हालांकि, रंधावा ने भाजपा नेतृत्व के फैसले पर गंभीर सवाल भी उठाए। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि एक समय ऐसा था जब एक हिंदू नेता ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि कांग्रेस ने उन्हें इसलिए प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया क्योंकि वह हिंदू हैं। अब वही नेता भाजपा में शामिल हो गए हैं, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने उन्हें हटाकर एक जट्ट सिख नेता को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया।

रंधावा ने कहा, “यह भाजपा का अपना फैसला है, लेकिन इस घटनाक्रम ने कई राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी नेतृत्व के फैसले और उनकी प्राथमिकताओं पर बहस होना स्वाभाविक है।” उन्होंने कहा कि नियुक्ति पर चर्चा करना और सवाल उठाना लोकतंत्र और राजनीतिक पारदर्शिता का हिस्सा है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले से पंजाब में राजनीतिक समीकरण पर असर पड़ सकता है और लोगों में यह सवाल उठ सकता है कि क्या जातीय और समुदाय आधारित प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर निर्णय लिए जा रहे हैं। रंधावा ने कहा कि भाजपा के इस फैसले ने पूर्ववर्ती राजनीतिक दावे और उनके बयान पर भी प्रकाश डाला है, जिससे राजनीतिक विश्लेषकों और आम जनता में चर्चा शुरू हो गई है।

रंधावा ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति के पीछे व्यक्तिगत क्षमता और नेतृत्व कौशल को भी ध्यान में रखा गया होगा, लेकिन जातीय और सामाजिक संतुलन के दृष्टिकोण से यह निर्णय नई बहस का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल भाजपा के आंतरिक मामले का विषय है, लेकिन इसका असर पंजाब की राजनीति और आगामी चुनावी रणनीतियों पर पड़ सकता है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि राजनीतिक दलों में नेतृत्व नियुक्तियों के पीछे कई पहलू होते हैं, और यह जिम्मेदारी केवल पार्टी निर्णय ही तय करता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस नियुक्ति के बाद पंजाब में राजनीतिक समीकरणों में बदलाव आने की संभावना है, क्योंकि नेताओं और समुदायों की उम्मीदें और प्रतिक्रिया अलग-अलग हो सकती हैं।

रंधावा के इस बयान से साफ है कि पंजाब भाजपा की नई नियुक्ति पर विपक्ष की कड़ी नजर रहेगी और राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी चुनावी रणनीतियों के संकेत के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने भाजपा को याद दिलाया कि नेताओं के चयन में पारदर्शिता और समुदायिक संतुलन दोनों महत्वपूर्ण हैं।

इस बीच केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष बनने पर पार्टी के अंदर और बाहर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। राजनीतिक विश्लेषक इसे पंजाब की राजनीति में नए समीकरण और संभावित बदलाव के रूप में देख रहे हैं।

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