पंजाब

पंजाब में कांग्रेस का कुनबा बढ़ा, पूर्व विधायक के बेटे राज बलविंदर सिंह मराड़ पार्टी में शामिल

Kavita2
27 Oct 2026 3:56 PM IST
पंजाब में कांग्रेस का कुनबा बढ़ा, पूर्व विधायक के बेटे राज बलविंदर सिंह मराड़ पार्टी में शामिल
x

चंडीगढ़/श्री मुक्तसर साहिब। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच श्री मुक्तसर साहिब की राजनीति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व विधायक एवं शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व सदस्य दिवंगत सुखदर्शन सिंह मराड़ के बेटे तथा सेवानिवृत्त पुलिस अधीक्षक राज बलविंदर सिंह मराड़ कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए हैं। सोमवार, 26 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। इस घटनाक्रम के बाद मुक्तसर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों और आगामी चुनावी समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

कार्यक्रम में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा सहित कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। कांग्रेस नेतृत्व ने राज बलविंदर सिंह मराड़ के पार्टी में शामिल होने को संगठन के विस्तार से जोड़कर देखा है।

चंडीगढ़ कांग्रेस भवन में हुआ स्वागत

चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज बलविंदर सिंह मराड़ को औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल कराया गया।

इस मौके पर कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने उन्हें सिरोपा भेंट कर स्वागत किया।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने कहा कि नए नेताओं के पार्टी में शामिल होने से कांग्रेस के संगठन को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने बताया कि पार्टी में शामिल हुए नेताओं ने बिना किसी शर्त के कांग्रेस की नीतियों और विचारधारा पर विश्वास जताया है।

परगट सिंह ने उम्मीद जताई कि ये नेता पंजाब से जुड़े जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस के साथ मिलकर काम करेंगे।

कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

राज बलविंदर सिंह मराड़ के कांग्रेस में शामिल होने के कार्यक्रम में पार्टी का वरिष्ठ नेतृत्व मौजूद रहा।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मंत्री विजय इंद्र सिंगला और सांसद डॉ. अमर सिंह भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम में फिरोजपुर क्षेत्र के अकाली नेता एवं पूर्व प्रत्याशी मिंटू वोहरा ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।

इस प्रकार कांग्रेस ने एक ही कार्यक्रम में मुक्तसर और फिरोजपुर से जुड़े दो राजनीतिक चेहरों को पार्टी में शामिल किया।

पार्टी नेतृत्व ने इसे आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों से जोड़कर प्रस्तुत किया।

कौन हैं राज बलविंदर सिंह मराड़?

राज बलविंदर सिंह मराड़ पंजाब पुलिस के सेवानिवृत्त अधीक्षक हैं। वह मुक्तसर के पूर्व विधायक दिवंगत सुखदर्शन सिंह मराड़ के बड़े बेटे हैं।

उन्होंने पुलिस सेवा के दौरान विभिन्न जिम्मेदारियां संभाली थीं। वर्ष 2021 में वह चंडीगढ़ में 13वीं बटालियन के कमांडेंट के पद पर कार्यरत थे।

इसी दौरान उन्होंने सार्वजनिक रूप से राजनीति में सक्रिय होने की इच्छा जाहिर की थी।

वर्ष 2023 में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने मुक्तसर क्षेत्र में अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ाईं।

राज बलविंदर सिंह मराड़ को पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का करीबी माना जाता है।

पिता सुखदर्शन सिंह मराड़ का रहा राजनीतिक प्रभाव

राज बलविंदर सिंह मराड़ के पिता सुखदर्शन सिंह मराड़ मुक्तसर की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम थे।

उन्होंने वर्ष 2002 के पंजाब विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री हरचरण सिंह बराड़ को हराकर राजनीतिक सफलता हासिल की थी।

इसके बाद उन्होंने अलग-अलग समय पर शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस के साथ राजनीतिक गतिविधियां जारी रखीं।

सुखदर्शन सिंह मराड़ वर्ष 2007 में अकाली दल के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े थे। वह वर्ष 2017 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भी चुनाव मैदान में उतरे।

इसके अतिरिक्त वह शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य भी रहे।

मार्च 2021 में कोरोना संक्रमण के कारण उनका निधन हो गया था।

उनकी राजनीतिक विरासत को देखते हुए राज बलविंदर सिंह मराड़ की सक्रियता मुक्तसर क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

कांग्रेस से पहले भी रहा है संबंध

राज बलविंदर सिंह मराड़ की कांग्रेस में वापसी का एक पुराना राजनीतिक संदर्भ भी है।

जून 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने उन्हें कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में संगठन से निष्कासित कर दिया था।

उस समय फिरोजपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी शेर सिंह घुबाया की शिकायत के बाद पार्टी नेतृत्व ने कार्रवाई की थी।

आरोप लगाया गया था कि राज बलविंदर सिंह मराड़ कांग्रेस के बजाय दूसरे दल के प्रत्याशी का समर्थन कर रहे थे।

हालांकि, यह तत्कालीन राजनीतिक आरोप था। अब अक्टूबर 2026 में कांग्रेस ने उन्हें दोबारा औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल कर लिया है।

मुक्तसर विधानसभा सीट पर टिकट के दावेदार बढ़े

राज बलविंदर सिंह मराड़ के कांग्रेस में शामिल होने के बाद मुक्तसर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी टिकट के संभावित दावेदारों की संख्या को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

मुक्तसर पूर्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का गृह क्षेत्र भी है।

उनकी पत्नी अमृता वड़िंग पहले ही इस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुकी हैं।

इसके अलावा पूर्व विधायक करण कौर बराड़, राजा वड़िंग के रिश्तेदार हरचरण सिंह सोथा और युवा कांग्रेस से जुड़े कई नेता भी टिकट की संभावित दावेदारी से जुड़े बताए जा रहे हैं।

ऐसे में राज बलविंदर सिंह मराड़ के प्रवेश से कांग्रेस के भीतर उम्मीदवार चयन की चर्चा और व्यापक हो गई है।

हालांकि, पार्टी ने अभी किसी उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

2027 विधानसभा चुनाव पर कांग्रेस की नजर

पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव वर्ष 2027 में होना है। इसके मद्देनजर विभिन्न राजनीतिक दल अपने संगठन और स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करने की गतिविधियों में जुटे हैं।

कांग्रेस ने हाल ही में परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की जिम्मेदारी सौंपी है।

अक्टूबर के शुरुआती दिनों में परगट सिंह की नियुक्ति के बाद पार्टी ने संगठनात्मक एकजुटता पर जोर दिया है।

कांग्रेस के सामने आगामी चुनाव से पहले स्थानीय स्तर पर संगठन को सक्रिय करना, संभावित उम्मीदवारों का चयन करना और नेताओं के बीच समन्वय बनाए रखना महत्वपूर्ण कार्य होंगे।

राज बलविंदर सिंह मराड़ और मिंटू वोहरा के पार्टी में शामिल होने को भी इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।

अकाली दल और कांग्रेस के बीच बदलते राजनीतिक समीकरण

श्री मुक्तसर साहिब की राजनीति में लंबे समय से कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और अन्य राजनीतिक दलों के बीच प्रतिस्पर्धा रही है।

सुखदर्शन सिंह मराड़ का राजनीतिक सफर भी अलग-अलग दलों से जुड़ा रहा था।

अब उनके बेटे के कांग्रेस में शामिल होने से स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं को नया विषय मिला है।

हालांकि, इस बदलाव का आगामी विधानसभा चुनाव के परिणाम पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका अभी आकलन करना जल्दबाजी होगी।

यह स्पष्ट है कि अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं के कांग्रेस में आने से उम्मीदवार चयन और स्थानीय संगठन के भीतर भूमिकाओं पर चर्चा बढ़ सकती है।

अब पार्टी में नई जिम्मेदारी मिलने पर नजर

राज बलविंदर सिंह मराड़ के कांग्रेस में शामिल होने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी उन्हें कौन-सी संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपती है।

उनके पुलिस प्रशासन के अनुभव और परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए स्थानीय स्तर पर उनकी भूमिका चर्चा में है।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी करेंगे या संगठनात्मक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व ने उनका स्वागत करते हुए पार्टी को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने की बात कही है।

आगामी दिनों में कांग्रेस के संगठनात्मक फैसलों से स्पष्ट हो सकेगा कि मुक्तसर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी अपनी चुनावी तैयारियों को किस दिशा में आगे बढ़ाती है।

Next Story