
x
Chandigarh चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कादियां नगर परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव में लोकतांत्रिक जनादेश की अनदेखी की। प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कांग्रेस ने नगर परिषद में स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है और अब वह लोकतांत्रिक तरीके से अपना अध्यक्ष चुनने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को नगर परिषद के सात वार्डों का समर्थन प्राप्त था। इनमें वार्ड नंबर 1 से गुरबचन सिंह, वार्ड नंबर 2 से देबो, वार्ड नंबर 3 से सुखप्रीत सिंह, वार्ड नंबर 4 से हरपाल कौर, वार्ड नंबर 7 से नरेंद्र कुमार, वार्ड नंबर 9 से जतिंदर कुमार और वार्ड नंबर 11 से राजेश कुमार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक के वोट के साथ कांग्रेस को परिषद के 15 में से आठ सदस्यों का समर्थन हासिल था, जो अध्यक्ष चुनने के लिए पर्याप्त था।
उन्होंने कहा कि कुछ अन्य पार्षदों से भी समर्थन का आश्वासन मिला है। बाजवा ने कादियां में मीडिया से कहा, "आज सुबह मैंने कादियां के लोगों के साथ यह जानकारी साझा की थी। कांग्रेस लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत नगर परिषद का अध्यक्ष चुनने की मजबूत स्थिति में थी, लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार को पता था कि उसके पास पर्याप्त संख्या नहीं है, इसलिए उसने दिनदहाड़े लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। इसके बावजूद जिला पुलिस मूकदर्शक बनी रही। उनका दावा है कि आम आदमी पार्टी समर्थकों ने कांग्रेस पार्षद जोगिंदर कुमार और नरिंदर कुमार का उस समय कथित तौर पर अपहरण कर लिया, जब वे मतदान के लिए नगर परिषद परिसर में प्रवेश कर रहे थे।
बाजवा ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने हाई कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए कांग्रेस के एक अन्य पार्षद राजेश कुमार को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में ले लिया। उन्होंने कहा, "हाई कोर्ट ने साफ निर्देश दिए थे कि किसी भी नगर पार्षद को इस तरह गिरफ्तार या हिरासत में न लिया जाए कि वह चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा न ले सके। इसके बावजूद जिला पुलिस ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया और राजेश कुमार को कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें जमानत मिलने के बाद रिहा कर दिया गया।"
इस पूरी घटना को 'संवैधानिक शर्मिंदगी' बताते हुए बाजवा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी असहिष्णुता दिखा दी है। विपक्ष के नेता ने कहा, "जो सरकार लोकतांत्रिक तरीके से जीत हासिल नहीं कर सकती, वह ताकत, डराने-धमकाने और पुलिस तंत्र के दुरुपयोग का सहारा ले रही है। यह सिर्फ कांग्रेस पर हमला नहीं, बल्कि संविधान, कानून के शासन और पंजाब के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर भी हमला है। उन्होंने हाई कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। साथ ही, कथित अपहरण, गैर-कानूनी हिरासत और चुनाव प्रक्रिया में दखल के मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की भी मांग की।
Tagsजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





