पंजाब

CM Mann का बड़ा कदम, 6 सांसदों की सदस्यता रद्द करने राष्ट्रपति से की अपील

Ratna Netam
6 May 2026 12:18 PM IST
CM Mann का बड़ा कदम, 6 सांसदों की सदस्यता रद्द करने राष्ट्रपति से की अपील
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Punjab.पंजाब: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में एक गंभीर राजनीतिक कदम उठाते हुए राष्ट्रपति से छह राज्यसभा सांसदों की सदस्यता रद्द करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने इसे ‘संविधान की हत्या’ करार देते हुए कहा कि यह कदम लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादा की रक्षा के लिए जरूरी है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री मान ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में विस्तार से उन परिस्थितियों का हवाला दिया है जिनके कारण उन्होंने यह अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि छह सांसदों ने पार्टी और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन किया है और इस प्रकार वे राज्यसभा में प्रतिनिधित्व करने के योग्य नहीं रहे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर ऐसे सांसदों को सदस्यता जारी रहती है, तो इससे राज्य की राजनीतिक स्थिरता और जनता के विश्वास को गंभीर खतरा होगा।
इस संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे संविधान में लोकतंत्र की रक्षा और संस्थाओं की साख बनाए रखने का प्रावधान है। अगर सांसद अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करते हैं और संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन करते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई करना आवश्यक है। यह केवल राजनीतिक कदम नहीं, बल्कि संवैधानिक जिम्मेदारी है।”
राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस अपील के साथ सभी प्रासंगिक दस्तावेज और साक्ष्य भी राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक विवाद का नहीं, बल्कि संविधान की मर्यादा और लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पंजाब की राजनीति में हलचल पैदा करेगा। कुछ का कहना है कि इससे विधानसभा और राज्यसभा में सत्ता संतुलन प्रभावित हो सकता है, वहीं अन्य का मानना है कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती का उदाहरण है।
मुख्यमंत्री मान की यह अपील ऐसे समय में आई है जब राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद कई विवादित घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी पार्टी या व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करना है।
साथ ही, उन्होंने जनता से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया को समझें और लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास बनाए रखें। उन्होंने कहा कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत राष्ट्रपति इस मामले में उचित कार्रवाई करेंगे और जनता के हित में निर्णय लिया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि राष्ट्रपति इस अपील को स्वीकार करते हैं, तो यह न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश में राजनीतिक और संवैधानिक परिदृश्य को प्रभावित करेगा। इससे यह संदेश जाएगा कि संविधान और लोकतंत्र की मर्यादा हर परिस्थिति में सर्वोपरि है।
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