पंजाब

सीएम मान बोले, E-20 से वाहन हो रहे प्रभावित

Saba Naaz
16 July 2026 4:09 PM IST
सीएम मान बोले, E-20 से वाहन हो रहे प्रभावित
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चंडीगढ़। ई-20 पेट्रोल को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मुद्दे पर वीडियो संदेश जारी कर लोगों से समर्थन मांगा है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि आम जनता की परेशानियों को देखते हुए ई-20 पेट्रोल के साथ-साथ शुद्ध पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा उन्होंने ई-20 पेट्रोल की कीमतों में कमी करने की मांग भी दोहराई है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संदेश में कहा कि देश में बड़ी संख्या में वाहन चालक ई-20 पेट्रोल को लेकर शिकायतें कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई दोपहिया और अन्य वाहनों के संचालन में इस ईंधन के इस्तेमाल के बाद समस्याएं सामने आ रही हैं। लोगों को अपने वाहनों की परफॉर्मेंस, माइलेज और रखरखाव को लेकर चिंता हो रही है।

सीएम मान ने कहा कि ईंधन का चुनाव करना वाहन मालिकों की सुविधा और जरूरत के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि लोगों को अपनी पसंद के अनुसार पेट्रोल चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। इसके लिए पेट्रोल पंपों पर ई-20 पेट्रोल के साथ शुद्ध पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की ओर से भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मामले में दो प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली मांग यह है कि देश के नागरिकों को ई-20 पेट्रोल के अलावा शुद्ध पेट्रोल खरीदने का विकल्प दिया जाए। पार्टी का कहना है कि सभी वाहन ई-20 पेट्रोल के अनुकूल नहीं हैं, इसलिए लोगों को अपनी जरूरत के हिसाब से ईंधन चुनने की सुविधा मिलनी चाहिए।

दूसरी मांग ई-20 पेट्रोल की कीमतों को कम करने की है। AAP का कहना है कि अगर लोगों को ई-20 पेट्रोल का इस्तेमाल करना पड़ रहा है तो इसके दामों में कमी की जानी चाहिए, ताकि आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। पार्टी ने केंद्र सरकार से इस दिशा में जल्द कदम उठाने की अपील की है।

इस मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी ने लोगों से जुड़ने के लिए ऑनलाइन अभियान भी शुरू किया है। पार्टी ने 'stopE20petrol.com' नाम से एक अभियान चलाया है, जिसके माध्यम से लोगों से समर्थन देने की अपील की जा रही है। पार्टी का दावा है कि बड़ी संख्या में वाहन मालिक इस मुद्दे से प्रभावित हैं और उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना जरूरी है।

गौरतलब है कि ई-20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिश्रण किया जाता है। सरकार लंबे समय से पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की नीति को बढ़ावा दे रही है। इसका उद्देश्य पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों को लाभ पहुंचाना और पर्यावरण प्रदूषण को कम करना बताया जाता है। हालांकि, कुछ वाहन मालिकों और विशेषज्ञों ने पुराने वाहनों में ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई है।

ई-20 पेट्रोल को लेकर देशभर में अलग-अलग राय सामने आ रही है। जहां सरकार इसे पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम बता रही है, वहीं विपक्षी दल और कुछ वाहन उपयोगकर्ता इसके प्रभावों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार को आम लोगों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए संतुलित फैसला लेना चाहिए। उन्होंने केंद्र से अपील की कि वाहन चालकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे आम जनता को राहत मिल सके।

अब देखना होगा कि केंद्र सरकार की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाया जाता है। ई-20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

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