
x
Punjab यह मामला CM मान के OSD (ऑफ़िसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) राजबीर सिंह घुमन और अन्य लोगों पर भ्रष्टाचार और प्रभाव का गलत इस्तेमाल करने के आरोपों से जुड़ा है। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश पर CBI ने छह लोगों — नितिन गोहल, जतिन गोहल (उर्फ़ राजा), रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर, RS नागरा और घुमन — के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की, जिसके बाद तलाशी और ज़ब्ती की कार्रवाई शुरू हुई। CM के कैंप ऑफ़िस के अलावा, संगरूर, मोहाली, पटियाला, लुधियाना, जालंधर और गुरदासपुर में इन छह आरोपियों और उनके रिश्तेदारों के घरों पर तलाशी ली गई। यह कार्रवाई शाम करीब 5.30 बजे शुरू हुई और रात 11 बजे खत्म हुई।
तलाशी पर प्रतिक्रिया देते हुए CM मान ने कहा कि BJP उन्हें बदनाम करने के लिए CBI का गलत इस्तेमाल कर रही है। यह दावा करते हुए कि पार्टी "पंजाबियों के बीच उन्हें मिल रहे प्यार और समर्थन से डरी हुई है", उन्होंने कहा, "इन छापों का मकसद 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले मेरी छवि खराब करना है। BJP ED और CBI का गलत इस्तेमाल कर रही है।"
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस कार्रवाई को चुनावों से पहले का एक जाना-पहचाना पैटर्न बताया। उन्होंने कहा, "BJP उन राज्यों में CBI, ED, इनकम टैक्स अधिकारियों और चुनाव आयोग का इस्तेमाल करती है जहां विपक्षी पार्टियां सत्ता में हैं। ये एजेंसियां BJP के हथियार हैं। सभी आरोप झूठे हैं और AAP ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने पंजाब को भ्रष्टाचार-मुक्त सरकार दी है।"
एजेंसी के मुताबिक, रिश्वतखोरी और अन्य कथित अनियमितताओं के आरोपों से जुड़े सबूतों के लिए मिली चीज़ों की जांच की जा रही है। घराचोन गांव में घुमन के घर और मोहाली के फ़ेज़ 11 में उनसे जुड़े एक व्यक्ति के घर पर भी तलाशी ली गई।
गोहल भाइयों के नाभा स्थित घर और रोमी महाजन के गुरदासपुर और लुधियाना स्थित घरों पर भी छापे मारे गए। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने सोमवार को CBI को आदेश दिया कि वह कथित भ्रष्टाचार और प्रभाव का गलत इस्तेमाल करने से जुड़ी जानकारी पर केस दर्ज करे और जांच करे। यह जानकारी पहले ED ने राज्य पुलिस अधिकारियों के साथ शेयर की थी।
CBI के अनुसार, जिन आरोपों की जांच हो रही है, वे कथित तौर पर पैसे के फायदे के बदले सरकारी अधिकारियों (IAS और IPS अधिकारियों सहित) की पोस्टिंग, विभागीय कार्यवाही, पॉलिसी बनाने, प्रशासनिक मंज़ूरी, टेंडर की शर्तों, लाइसेंसिंग मामलों, ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव, प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों और रेवेन्यू व ज़मीन से जुड़े मुद्दों को प्रभावित करने या उनमें हेरफेर करने की व्यवस्था से जुड़े हैं।
एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ सरकारी कर्मचारियों ने सरकारी आदेशों और पॉलिसी के औपचारिक रूप से जारी होने से पहले ही उनके ड्राफ्ट निजी लोगों को उपलब्ध कराए थे। इस मामले की शुरुआत ED द्वारा मनी-लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान जुटाई गई जानकारी से हुई। ED ने कथित तौर पर प्रभाव का गलत इस्तेमाल करने वाले नेटवर्क से जुड़ी जानकारी राज्य के अधिकारियों को दी थी। इसके बाद, इन आरोपों पर कार्रवाई की मांग करने वाली एक याचिका के ज़रिए यह मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के सामने लाया गया। एजेंसी ने कहा कि मामले में आगे की जांच चल रही है और जांच के हिस्से के तौर पर ज़ब्त किए गए सामान की बारीकी से जांच की जा रही है।
Next Story





