
Punjab पंजाब: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रोजगार मिशन के तहत विभिन्न विभागों में चयनित 355 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करने के मौके पर एक बार फिर केंद्र सरकार पर नीट (NEET) परीक्षा को लेकर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार एक राष्ट्रीय परीक्षा भी पारदर्शी तरीके से आयोजित करने में विफल रही है।
यह कार्यक्रम सेक्टर-35 स्थित नगर भवन में आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित की गई सभी परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता बनी रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार द्वारा आयोजित परीक्षाओं के परिणाम निष्पक्ष रूप से घोषित किए जाते हैं और इसमें किसी तरह का पक्षपात नहीं होता।
इसके विपरीत, राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित नीट परीक्षा पर लगातार विवाद और आलोचना जारी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के चलते छात्रों और उनके परिवारों के लिए चिंता का कारण बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की महत्वपूर्ण परीक्षा में पारदर्शिता का अभाव छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक असर डाल रहा है।
मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने रोजगार मिशन और अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की है। उन्होंने यह भी बताया कि युवाओं को सरकारी विभागों में नियुक्ति पत्र देने का यह कार्यक्रम युवाओं के लिए नई उम्मीद और अवसर लेकर आया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उनकी प्रतिभा को सम्मानित करना है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं को छात्रों और अभिभावकों की चिंता को ध्यान में रखते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहना चाहिए और किसी भी प्रकार की अनियमितताओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाने चाहिए।
इस अवसर पर युवाओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी सरकार की पहल से उन्हें सरकारी नौकरी पाने का मौका मिला है। रोजगार मिशन के तहत नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम ने युवाओं में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मुख्यमंत्री का नीट परीक्षा पर केंद्र सरकार को घेरना आगामी समय में शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस को और बढ़ावा देगा। वहीं युवाओं और अभिभावकों के बीच यह संदेश गया कि राज्य सरकार उनकी समस्याओं और भविष्य के लिए गंभीर रूप से कार्य कर रही है।
इस कार्यक्रम में नियुक्ति पाने वाले युवाओं ने यह भी कहा कि इस तरह के अवसर से वे सरकारी विभागों में करियर बनाने के लिए प्रेरित हुए हैं और इसके लिए सरकार की सराहना करते हैं।





