पंजाब

Chann Goraya: पंजाबी संगीत और साहित्य की दुनिया को अलविदा

Ratna Netam
6 May 2026 1:15 PM IST
Chann Goraya: पंजाबी संगीत और साहित्य की दुनिया को अलविदा
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Punjab.पंजाब: पंजाबी संगीत और साहित्य की दुनिया एक महान हस्ती को खो गई है। मशहूर गीतकार और लेखक चन्न गोराया का 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरी पंजाबी साहित्यिक और सांगीतिक दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई है। चन्न गोराया का जन्म (साल) में हुआ था और उन्होंने अपने लंबे जीवन में पंजाबी साहित्य और संगीत को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कई चर्चित पंजाबी गीत लिखे, जो आज भी लोगों के दिलों में बसते हैं। उनके गीतों में जीवन, प्रेम, संघर्ष और पंजाब की सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलती थी।
साहित्यिक क्षेत्र में भी चन्न गोराया का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने कई पुस्तकें लिखीं, जिनमें सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय विषयों का गहन अध्ययन देखने को मिलता है। उनकी लेखनी ने पंजाब की पीढ़ियों को प्रेरित किया और साहित्य के क्षेत्र में उन्हें एक स्थायी स्थान दिलाया।
उनके निधन पर पंजाबी संगीत और साहित्य जगत के कई कलाकारों और लेखक नेताओं ने शोक व्यक्त किया। पंजाब के मुख्यमंत्री ने भी उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि चन्न गोराया ने पंजाबी भाषा और संस्कृति को जो योगदान दिया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने परिवार को सांत्वना दी और कहा कि उनकी विरासत हमेशा याद रखी जाएगी।
लोकप्रिय पंजाबी गायक और संगीतकार भी सोशल मीडिया पर चन्न गोराया को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके गीतों और कविताओं ने हमें जीवन के हर पहलू को समझने और महसूस करने की क्षमता दी। उनके योगदान को शब्दों में बयान करना मुश्किल है।
चन्न गोराया की साहित्यिक और संगीत यात्रा दशकों पुरानी थी। उन्होंने न केवल स्थानीय कलाकारों और संगीतकारों को प्रेरित किया बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाबी संगीत और साहित्य को भी पहचान दिलाई। उनके गीतों को कई फिल्मों और एल्बमों में भी शामिल किया गया, जिससे उनकी प्रसिद्धि और प्रभाव और बढ़ा।
उनके निधन से पंजाबी साहित्य और संगीत जगत में एक खालीपन उत्पन्न हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि चन्न गोराया की लेखनी और गीत हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे। उनकी रचनाएँ न केवल मनोरंजन करती हैं, बल्कि समाज और संस्कृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण भी देती हैं।
परिवार ने बताया कि अंतिम संस्कार समारोह (तारीख/स्थान) पर संपन्न किया जाएगा और उनके चाहने वाले और शुभचिंतक उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे।
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