Chandigarh: PSIEC के रद्द प्लॉट धारकों को राहत, सरकार ने बनाया अपीलीय मंच

चंडीगढ़; पंजाब सरकार ने पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉर्पोरेशन (PSIEC) द्वारा रद्द किए गए प्लॉट के मामलों में औद्योगिक भूखंड मालिकों को बड़ी राहत प्रदान की है। पंजाब सरकार के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने यह घोषणा करते हुए बताया कि सरकार ने इस संबंध में एक अपीलीय प्राधिकरण (Appellate Authority) का गठन कर दिया है।
मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने कहा, "हमने पंजाब में PSIEC के रद्द प्लॉट के लिए एक अपीलीय प्राधिकरण बना दी है। जिसमें कोई भी व्यापारी जाकर अपनी अपील डाल सकता है। उसकी सुनवाई होगी और कारण देखते हुए प्लॉट रिस्टोर किए जाएंगे।" यह कदम उन उद्यमियों और निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है, जिनके औद्योगिक भूखंड विभिन्न कारणों से PSIEC द्वारा रद्द कर दिए गए थे।
यह निर्णय पंजाब में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और निवेश के माहौल को बेहतर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है। लंबे समय से कई औद्योगिक प्लॉट धारक अपने रद्द किए गए भूखंडों को बहाल करवाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, और इस अपीलीय प्राधिकरण के गठन से उन्हें अपनी शिकायतें रखने और निष्पक्ष सुनवाई प्राप्त करने का एक मंच मिलेगा।
इस प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य रद्द किए गए प्लॉट के मामलों की गहनता से समीक्षा करना और विभिन्न पहलुओं, जैसे कि देरी के कारण, नियामक मुद्दों या अन्य प्रशासनिक अड़चनों का मूल्यांकन करना होगा। पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से मामलों की सुनवाई की जाएगी ताकि वास्तविक निवेशकों को राहत मिल सके और वे अपने औद्योगिक परियोजनाओं को फिर से शुरू कर सकें।
यह पहल पंजाब सरकार की व्यापार-अनुकूल नीतियों और औद्योगिक क्षेत्र में विश्वास बहाल करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उम्मीद है कि इससे राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, नई नौकरियां पैदा होंगी और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। व्यापारी समुदाय ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे औद्योगिक भूखंडों से संबंधित लंबित मुद्दों को सुलझाने में एक सकारात्मक कदम बताया है।





