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Chandigarh: छात्रा मौत मामले में पंजाब विश्वविद्यालय का बड़ा फैसला, परिवार को मिलेगा मुआवजा

Admindelhi1
29 July 2026 6:43 PM IST
Chandigarh: छात्रा मौत मामले में पंजाब विश्वविद्यालय का बड़ा फैसला, परिवार को मिलेगा मुआवजा
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पंजाब विश्वविद्यालय देगा मृत छात्रा के परिवार को 16 लाख रुपये

चंडीगढ़: चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय में महेंद्रगढ़ की पीएचडी स्कॉलर छात्रा की करंट लगने से मौत के मामले में कार्रवाई करते हुए पीयू प्रबंधन ने मृतका के आश्रितों को 16 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है।

इसके अलावा इस घटना के लिए जिम्मेदार मानते हुए एग्जीक्यूटिव इंजीनियर-2 (एडिशनल चार्ज) अनिल ठाकुर और सब डिविजनल इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) लखविंदर सिंह धनोआ को निलंबित कर दिया गया है। मृतका के भाई ने 12वीं के साथ आईटीआई (इलेक्ट्रिकल) की है। उसे पीयू में इलेक्ट्रिशियन के पद पर नियुक्ति दी जाएगी।

मंगलवार को चंडीगढ़ में भारी बारिश के बाद यहां पीएचडी की छात्रा ज्योति की करंट लगने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद छात्रों ने वाइस चांसलर के ऑफिस का घेराव कर हंगामा किया। परिजनों की सहमति के बाद छात्रा ज्योति का शव बुधवार को उन्हें सौंप दिया गया। ज्योति ने नेट-जेआरएफ क्वालिफाई करने के बाद पीएचडी में दाखिला लिया था। उन्होंने जूनियर रिसर्च फेलोशिप के साथ-साथ सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट भी पास किया था।

मृतका के पिता रविंद्र खेती-बाड़ी करते हैं। साथ ही एक निजी स्कूल में ड्राइवर भी हैं। भाई पवन गुरुग्राम की एक कंपनी में नौकरी करता है। परिवार के अनुसार, ज्योति शुरू से ही पढ़ाई में होशियार थी। उसने ककराला गांव के एसडी स्कूल से 12वीं पास की। इसके बाद गुरुग्राम के गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई की। फिर एमएससी करने के लिए हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी पहुंची। पीजी की पढ़ाई के दौरान ही उसने नेट की तैयारी की और परीक्षा पास करने के बाद पीएचडी में दाखिला लिया।

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