
चंडीगढ़। नगर निगम चंडीगढ़ के सदन की आम बैठक 31 जुलाई को आयोजित की जाएगी। निगम सचिवालय ने इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए औपचारिक नोटिस जारी कर दिया है। इस बैठक में चंडीगढ़ शहर के समग्र विकास, वित्तीय स्थिति तथा जनसुविधाओं से जुड़े कई अहम एजेंडे चर्चा के लिए रखे जाएंगे, जिन पर पार्षदों के विचार-विमर्श के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। विकास कार्यों के अलावा राजनीतिक मुद्दों की गर्माहट के कारण इस बैठक के काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं।
पार्किंग शुल्क और विकास प्रस्तावों पर होगी विस्तृत चर्चा
बैठक के प्रमुख एजेंडों में शहर की पार्किंग व्यवस्था में बदलाव से जुड़ा प्रस्ताव सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। घंटों के हिसाब से (प्रति घंटे) पार्किंग शुल्क तय करने का प्रस्ताव एक बार फिर सदन के समक्ष पेश किया जाएगा। इससे पहले हुई बैठक में इस प्रस्ताव को पार्षदों के भारी विरोध और चर्चा के बाद स्थगित कर दिया गया था।
निगम अधिकारियों का तर्क है कि प्रति घंटे के हिसाब से दरें तय करने से शहर के पार्किंग स्थलों का बेहतर प्रबंधन होगा और लंबे समय तक गाड़ियों के खड़े रहने की समस्या पर अंकुश लगेगा। हालांकि, विपक्षी पार्षद इस नई शुल्क संरचना का लगातार विरोध कर रहे हैं और इसे आम जनता पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ मान रहे हैं। इसके अलावा सड़कों के रखरखाव, सफाई व्यवस्था, सीवरेज व ड्रेनेज सुधार, स्ट्रीट लाइट, पार्कों का जीर्णोद्धार और विभिन्न वार्डों से जुड़े विकास कार्यों की प्रशासनिक व वित्तीय मंजूरी के प्रस्ताव भी सदन में रखे जाएंगे।
पेपर लीक और जनसमस्याओं पर घेराबंदी की तैयारी में विपक्ष
राजनीतिक दृष्टिकोण से भी 31 जुलाई की यह बैठक बेहद सरगर्म रहने वाली है। हाल ही में सामने आए पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के विपक्षी पार्षद भाजपा के नेतृत्व वाले सदन और मेयर को घेरने की पुरजोर तैयारी में हैं। विपक्ष इस मुद्दे पर सीधे तौर पर जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच की मांग उठाएगा।
इसके साथ ही विपक्ष शहर की लचर सफाई व्यवस्था, वेंडिंग जोन के प्रबंधन, ठप पड़े विकास कार्यों और निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली जैसे मुद्दों को लेकर भी सत्तापक्ष पर आक्रामक हमला बोलेगा। दूसरी ओर, भाजपा पार्षदों ने भी विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने और पलटवार करने की रणनीति तैयार कर ली है। सत्तापक्ष निगम की उपलब्धियों और विकास योजनाओं के आंकड़ों के साथ विपक्ष के आरोपों का मुकाबला करेगा।
शहरवासियों की निगाहें 31 जुलाई के फैसलों पर
31 जुलाई को होने जा रही इस बैठक में कई ऐसे प्रस्तावों पर मुहर लगनी है, जिनका सीधा संबंध आम नागरिकों की दैनिक सुविधाओं और जेब से है। यही वजह है कि न केवल राजनीतिक दलों, बल्कि शहर के निवासियों की भी इस बैठक पर बारीक नजर टिकी हुई है।





