Chandigarh: आनंदपुर साहिब हेरिटेज परियोजना में बड़ा बदलाव, सरकार ने मानी एसजीपीसी की मांग

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने आनंदपुर साहिब में प्रस्तावित हेरिटेज स्ट्रीट परियोजना को संशोधित स्वरूप में दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया है। पहले इस परियोजना को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की आपत्तियों के बाद स्थगित कर दिया गया था।
अब परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए पंजाब सरकार और एसजीपीसी के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त समिति गठित की गई है, जो परियोजना के डिजाइन और मार्ग को अंतिम रूप देगी।
पंजाब के शिक्षा एवं स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि समिति का उद्देश्य सभी पक्षों के बीच सहमति बनाकर परियोजना को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं और ऐतिहासिक महत्व का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए एसजीपीसी के प्रतिनिधियों को भी समिति में शामिल किया गया है।
पूर्व प्रस्ताव के अनुसार हेरिटेज स्ट्रीट को मुख्य सड़क से तख्त श्री केशगढ़ साहिब तक विकसित किया जाना था। योजना में भव्य प्रवेश द्वार, संगमरमर का मार्ग और आसपास की दुकानों का ऐतिहासिक शैली में पुनर्विकास शामिल था। हालांकि एसजीपीसी ने यह कहते हुए विरोध किया था कि प्रस्तावित प्रवेश द्वार से तख्त साहिब के सीधे दर्शन प्रभावित हो सकते हैं और संगमरमर की सड़क से यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
संशोधित योजना के तहत अब हेरिटेज स्ट्रीट को किला आनंदगढ़ साहिब से शुरू कर तख्त श्री केशगढ़ साहिब, गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब और गुरुद्वारा भोरा साहिब तक विकसित किए जाने की संभावना है। यह मार्ग मुख्य हाईवे के बजाय शहर के अंदरूनी हिस्सों से होकर गुजरेगा।
करीब 25 करोड़ रुपये की इस परियोजना का उद्देश्य धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और पर्यटन को एक साथ जोड़ना है। अमृतसर की हेरिटेज स्ट्रीट की तर्ज पर विकसित की जा रही यह परियोजना श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन और व्यापार को भी नई गति दे सकती है।





