Chandigarh: नौकरी से निकाले गए कर्मियों ने निगम कार्यालय समक्ष दिया धरना

चंडीगढ़: निगम के 90 आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने का मामला गरमा गया है। जहां निगम पार्षद ,नेता सभी इसके विरोध में उतर आए हैं वहीं नौकरी से निकाले गए कर्मियों ने आज निगम कार्यालय के समक्ष एकत्रित होकर अपना विरोध जताया । इन कर्मियों का कहना था कि अचानक रात के समय फोन पर उन्हें सूचित कर दिया गया कि कल से नौकरी पर नहीं आना है । उन्होंने कहा ऐसा कहीं नहीं होता, उन्होंने कहा कि वे एकदम से बेरोजगार हो गए है ,उनके घर का खर्चा कैसे चलेगा । कर्मियों ने बताया कि वे नियमानुसार भर्ती हुए थे लेकिन फिर भी उन्हें कोई नोटिस दिए बिना अचानक निकाल दिया गया ।
आप का प्रातिनिधिमंडल मामले पर निगम आयुक्त से मिला: आम आदमी पार्टी, चंडीगढ़ का एक प्रतिनिधिमंडल, अध्यक्ष विजय पाल सिंह के नेतृत्व में, ओमकार सिंह (महासचिव), जसविंदर कौर, हरदीप सिंह, दमनप्रीत सिंह बादल, योगेश ढींगरा और प्रेमलता सभी आप पार्षदों के साथ, नगर निगम, चंडीगढ़ के आयुक्त अमित कुमार, से मिला और एमसी चंडीगढ़ के अग्निशमन और बचाव सेवाओं के 47 फायरमैन और 16 ड्राइवरों को अनुचित तरीके से हटाने के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इन आउटसोर्स कर्मचारियों को मौजूदा भर्ती नियमों के अनुसार कठोर शारीरिक परीक्षा पास करने के बाद स्वीकृत पद के विरुद्ध भर्ती किया गया था। ये सभी कर्मचारी, जो समाज के एक कमजोर वर्ग से थे, अपनी कमाई और आजीविका का साधन खो चुके हैं।
बिना किसी पूर्व सूचना या कोई अवसर दिए इन कर्मचारियों को मनमाने ढंग से हटाना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीने के मौलिक अधिकारों के खिलाफ है और भारत के नागरिकों के रोजगार की रक्षा करना राज्यों का नैतिक कर्तव्य है। आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ नगर निगम में ठेकेदारों द्वारा उनके शोषण के खिलाफ तथा रोजगार के लिए उनके अधिकारों की रक्षा के लिए श्रमिकों के साथ खड़े होने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।





