
Punjab पंजाब: मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल, चंडीगढ़ ने सात साल पुराने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दो युवकों के परिवारों को लगभग 66 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह फैसला 2019 में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के मामले में सुनाया गया, जिसमें पटियाला के पास एक ओवरलोड ट्रक ने कार को टक्कर मार दी थी।
इस हादसे में पटियाला निवासी Gurpreet Singh और Avtar Singh की मौके पर ही मौत हो गई थी। दोनों युवक अपनी कार से यात्रा कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार और ओवरलोड ट्रक ने उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे यह गंभीर दुर्घटना हुई।
मृतकों के परिजनों ने इस मामले में ट्रक मालिक Ashok Kumar Maudgil, चालक Amrik Singh और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी। परिवारों ने हादसे के लिए लापरवाही और यातायात नियमों के उल्लंघन को जिम्मेदार ठहराया था।
ट्रिब्यूनल ने मामले की सुनवाई के दौरान सभी पक्षों के तर्कों और साक्ष्यों पर विचार किया। इसके बाद अदालत ने यह निष्कर्ष निकाला कि दुर्घटना में ट्रक चालक की लापरवाही और ओवरलोडिंग मुख्य कारण थे, जिसके चलते दो निर्दोष युवकों की जान गई।
फैसले में ट्रिब्यूनल ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक क्षति और मानसिक पीड़ा को देखते हुए करीब 66 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। इस राशि में दोनों परिवारों को उनके खोए हुए परिजनों की आय और भविष्य की संभावित कमाई को ध्यान में रखा गया है।
अदालत के इस फैसले को पीड़ित परिवारों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि यह उनके अपूरणीय नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता। परिवारों ने न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि यह निर्णय उनके संघर्ष की आंशिक जीत है।
इस मामले ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए यातायात नियमों का सख्ती से पालन और निगरानी बेहद जरूरी है।
ट्रिब्यूनल के इस फैसले के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है और प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाने की मांग की जा रही है।





