पंजाब

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड पर केंद्र सरकार सख्त

Ratna Netam
16 Oct 2026 8:27 PM IST
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड पर केंद्र सरकार सख्त
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चंडीगढ़। पंजाब के मानसा जिले में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह उर्फ 'झोटा' की हत्या के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय (MHA) ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को पंजाब सरकार से 13 अक्टूबर को हुई इस हत्या के संबंध में विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय ने घटना की परिस्थितियों, पुलिस कार्रवाई और राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी मांगी है।परविंदर सिंह झोटा पंजाब में नशीले पदार्थों और साइकोट्रोपिक पदार्थों की कथित अवैध बिक्री तथा दुरुपयोग के खिलाफ अभियान चलाने के लिए जाने जाते थे। उनकी हत्या के बाद राज्य में विरोध-प्रदर्शन हुए हैं और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पंजाब के मुख्य सचिव से मांगी गई रिपोर्ट
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर परविंदर सिंह झोटा की हत्या से संबंधित सभी महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी देने को कहा है।16 अक्टूबर को भेजे गए पत्र में मंत्रालय के अवर सचिव सुबोध कुमार जायसवाल ने राज्य सरकार से घटना और संबंधित अधिकारियों द्वारा अब तक की गई कार्रवाई का विवरण मांगा है।मंत्रालय ने हत्या के बाद पंजाब के विभिन्न इलाकों में हुए विरोध-प्रदर्शनों को लेकर भी चिंता जताई है।
नशे के खिलाफ अभियान चलाते थे परविंदर सिंह
परविंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ अपनी सक्रियता के कारण चर्चा में रहे थे। वह विशेष रूप से युवाओं में नशीले पदार्थों के बढ़ते दुरुपयोग और मेडिकल दुकानों से कथित तौर पर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री का विरोध करते थे।13 अक्टूबर को मानसा में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में एक मेडिकल स्टोर संचालक पर हत्या का आरोप लगा है।घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। वहीं, मामले को लेकर स्थानीय लोगों और नशा विरोधी संगठनों ने विरोध जताते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की।
एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स पर मांगी जानकारी
गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से नशीले पदार्थों के खिलाफ तैयार राष्ट्रीय रणनीति के क्रियान्वयन की स्थिति भी बताने को कहा है।इसमें राज्य में समर्पित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के गठन, पुनर्गठन और उसकी कार्यप्रणाली से जुड़ी जानकारी मांगी गई है।मंत्रालय जानना चाहता है कि नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्य सरकार ने कौन-कौन से कदम उठाए हैं।
ड्रग्स मामलों में वित्तीय जांच पर जोर
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में अनिवार्य वित्तीय जांच की व्यवस्था पर भी रिपोर्ट मांगी है।इसका उद्देश्य नशा तस्करी से जुड़े आर्थिक लेनदेन और अवैध कारोबार से प्राप्त धन की जांच को मजबूत करना है।इसके अलावा नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) तंत्र के तहत होने वाली बैठकों और परिणाम आधारित समीक्षा की स्थिति भी बताने को कहा गया है।मंत्रालय ने पंजाब सरकार से वर्ष 2026 से 2029 के लिए तैयार नारकोटिक्स नियंत्रण संबंधी विजन डॉक्यूमेंट पर हुई प्रगति की जानकारी भी मांगी है।
NDPS अदालतों और अभियोजन व्यवस्था की समीक्षा
गृह मंत्रालय ने राज्य में नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों की सुनवाई के लिए विशेष NDPS अदालतों को नामित करने और अभियोजन व्यवस्था मजबूत बनाने से संबंधित कदमों का विवरण मांगा है।इसके साथ ही संबंधित विभागों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की स्थिति पर भी जानकारी मांगी गई है।मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ की गई कार्रवाई को भी रिपोर्ट में शामिल करने के लिए कहा है।
हत्या के बाद पंजाब में विरोध-प्रदर्शन
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद पंजाब में विरोध तेज हुआ है। कई स्थानों पर व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे और विभिन्न संगठनों ने विरोध-प्रदर्शनों में हिस्सा लिया।मामले में मानसा के सिटी-2 थाने के प्रभारी को निलंबित किया गया है। इसके अलावा आरोपी की पत्नी समेत अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
पंजाब सरकार की कार्रवाई पर केंद्र की नजर
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नशा-मुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्यों में प्रभावी कार्ययोजना लागू करना जरूरी है।मानसा हत्याकांड पर विस्तृत रिपोर्ट मांगने के साथ केंद्र ने पंजाब में नशा नियंत्रण से जुड़े प्रशासनिक और कानूनी उपायों की प्रगति जानने का प्रयास किया है।अब पंजाब सरकार की ओर से भेजी जाने वाली रिपोर्ट में हत्या की जांच के साथ नशा तस्करी के खिलाफ उठाए गए कदमों की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
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