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झोटा हत्याकांड की जांच सीबीआई के हाथ
मानसा: पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने जांच शुरू कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पीड़ित परिवार से मुलाकात के करीब आठ घंटे के भीतर सीबीआई की टीम मानसा पहुंच गई। देर रात पहुंची टीम ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया और हत्याकांड से संबंधित दस्तावेज अपने पास लिए। इस घटनाक्रम के साथ परिवार की लंबे समय से उठाई जा रही केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग पर आगे की कार्रवाई शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार, सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम में डीएसपी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। मानसा पहुंचने के बाद टीम ने पुलिस से मामले की जानकारी हासिल की। स्थानीय पुलिस ने परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड से संबंधित फाइल केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी है। दस्तावेज मिलने से सीबीआई के पास अब तक हुई जांच का रिकॉर्ड पहुंच गया है। फिलहाल दस्तावेजों में शामिल प्रत्येक सामग्री का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं हुआ है। इसलिए किसी विशेष सबूत की बरामदगी या जांच के निष्कर्ष को लेकर अभी कोई दावा नहीं किया जा सकता।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को पंजाब दौरे के दौरान झोटा के परिवार से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने परिजनों की बात सुनी और मामले की गहराई से जांच कराने का भरोसा दिलाया। परिवार से बातचीत के दौरान शाह ने कहा था कि बुधवार दोपहर तक सीबीआई की टीम जांच शुरू करेगी। उन्होंने 120 दिनों में मामले को सुलझाने का आश्वासन भी दिया था। हालांकि यह जांच पूरी होने का आश्वासन है; मामले के वास्तविक निष्कर्ष केंद्रीय एजेंसी की पड़ताल और उपलब्ध साक्ष्यों से ही सामने आएंगे।
शाह के दौरे से पहले ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने झोटा हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपने की घोषणा कर दी थी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी दी। राज्य सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया, जब मृतक के परिजन और समर्थक केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग पर अड़े हुए थे। घोषणा के बाद देर रात सीबीआई टीम का मानसा पहुंचना मामले में अगला महत्वपूर्ण घटनाक्रम रहा। अब स्थानीय पुलिस से प्राप्त रिकॉर्ड के आधार पर केंद्रीय एजेंसी अपनी जांच आगे बढ़ाएगी।
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा के एक मेडिकल स्टोर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह नशे के खिलाफ आवाज उठाते थे और मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाओं की कथित अवैध बिक्री का विरोध करते थे। घटना के दिन भी एक व्यक्ति को कथित तौर पर नशीली दवाएं बेचे जाने के सवाल पर विवाद हुआ था। रिपोर्टों के मुताबिक, बातचीत के दौरान विवाद बढ़ा और गोलीबारी हो गई। इस घटना में झोटा की मौत हुई तथा अन्य लोग भी घायल हुए थे।
घटना के समय झोटा सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो बना रहे थे। सामने आए वीडियो में मेडिकल स्टोर संचालक के साथ उनका विवाद और गोलीबारी का घटनाक्रम दिखाई देने की बात रिपोर्टों में कही गई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी परिवार की मांग केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही। परिजन हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे।
झोटा की हत्या के बाद मानसा में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। परिवार और समर्थकों ने सीबीआई जांच की मांग पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का फैसला लिया था। इससे प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच गतिरोध बना रहा। परिवार तक पहुंचने और बातचीत आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने तीन महिला आईएएस अधिकारियों की समिति भी बनाई थी। शुरुआती बातचीत से समाधान नहीं निकल सका था। इसके बाद केंद्रीय जांच की घोषणा और गृह मंत्री की मुलाकात ने मामले को लेकर चल रही गतिविधियों को नई दिशा दी।
झोटा के पिता भीम सिंह पहले से अपने बेटे की हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग उठा रहे थे। उन्होंने अमित शाह से मुलाकात के दौरान भी यह मुद्दा रखने की बात कही थी। परिवार का जोर इस बात पर रहा कि हत्या की पूरी सच्चाई सामने आए और जांच निष्पक्ष ढंग से हो। केंद्रीय एजेंसी के पहुंचने के बाद अब परिजनों की निगाह जांच की प्रगति पर रहेगी। उनके लिए सबसे बड़ा सवाल बेटे की मौत से जुड़े घटनाक्रम का स्पष्ट जवाब और न्याय मिलना है।
यह मामला पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अमित शाह ने अपने दौरे में अन्य पीड़ित परिवारों से भी मुलाकात की और नशे की समस्या पर राज्य सरकार को घेरा। हालांकि राजनीतिक बयानों से अलग झोटा हत्याकांड में जिम्मेदारी का निर्धारण जांच से होगा। फिलहाल ठोस प्रगति यही है कि सीबीआई टीम मानसा पहुंच चुकी है और पुलिस से संबंधित रिकॉर्ड प्राप्त कर चुकी है। आगे की आधिकारिक जानकारी से जांच की दिशा और स्पष्ट होगी।
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