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पंजाब में OSD पर भ्रष्टाचार के आरोप CBI जांच के निर्देश

Ratna Netam
5 Oct 2026 7:45 PM IST
पंजाब में OSD पर भ्रष्टाचार के आरोप CBI जांच के निर्देश
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चंडीगढ़। पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) राजबीर सिंह घुमन पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया गया है। ढिल्लों ने कहा कि सीबीआई को पूरे मामले की गहराई से जांच करनी चाहिए, ताकि आरोपों से जुड़ी सच्चाई सामने आ सके।
मीडिया से बातचीत करते हुए केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि हाई कोर्ट का निर्देश महत्वपूर्ण है और अब जांच एजेंसी की जिम्मेदारी है कि वह मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल करे। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष और व्यापक होनी चाहिए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
मामला मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े एक अधिकारी पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों से संबंधित है। हाई कोर्ट की ओर से सीबीआई जांच के निर्देश के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। भाजपा ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए राज्य सरकार के रवैये पर सवाल उठाए हैं।
केवल सिंह ढिल्लों ने दावा किया कि इस मामले को लेकर पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) को तीन बार पत्र लिखे गए थे। इसके बावजूद, उनके मुताबिक, राज्य स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण आखिरकार मामला अदालत तक पहुंचा।
ढिल्लों ने कहा कि जब किसी सार्वजनिक पद से जुड़े व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि सीबीआई जांच का उद्देश्य आरोपों की वास्तविकता का पता लगाना होना चाहिए। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले में पारदर्शी जांच चाहती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सीबीआई आरोपों से जुड़े दस्तावेजों, शिकायतों और अन्य उपलब्ध तथ्यों की जांच करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने से पहले मामले के तथ्यों का स्पष्ट होना जरूरी है।
हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अब मामले में सीबीआई की जांच अहम होगी। एजेंसी को आरोपों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करनी होगी। जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह तय होगा कि आरोपों में तथ्य हैं या नहीं।
ढिल्लों ने पंजाब सरकार को घेरते हुए दावा किया कि अगर पहले ही शिकायतों पर उचित कार्रवाई की जाती तो मामला इस स्तर तक नहीं पहुंचता। उन्होंने DGP को कथित तौर पर भेजे गए तीन पत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि इन पर कार्रवाई होनी चाहिए थी। हालांकि ये दावे भाजपा अध्यक्ष की ओर से किए गए हैं और आरोपों की वास्तविक स्थिति सीबीआई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
मामले का राजनीतिक महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि आरोप मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े OSD पर लगाए गए हैं। ऐसे में विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग तेज कर दी है। दूसरी ओर, अदालत की ओर से जांच के निर्देश मिलने के बाद अब पूरा ध्यान सीबीआई की जांच प्रक्रिया पर रहेगा।
किसी भी भ्रष्टाचार संबंधी मामले में जांच एजेंसी के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष निष्कर्ष तक पहुंचने की होती है। इस मामले में भी सीबीआई की जांच से यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि शिकायतों में लगाए गए आरोपों का आधार क्या है और उनसे संबंधित कौन-कौन से तथ्य उपलब्ध हैं।
केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि सीबीआई को किसी भी पहलू को छोड़े बिना मामले की पूरी जांच करनी चाहिए। उन्होंने इसे जवाबदेही और पारदर्शिता से जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि जनता के सामने सच्चाई आनी चाहिए।
फिलहाल हाई कोर्ट के निर्देश के बाद मामला जांच के चरण में पहुंच गया है। राजबीर सिंह घुमन के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप अभी आरोप ही हैं और जांच के निष्कर्ष आने से पहले इन्हें साबित तथ्य नहीं माना जा सकता। सीबीआई की जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
इस बीच भाजपा ने हाई कोर्ट के फैसले को लेकर पंजाब सरकार पर राजनीतिक हमला तेज कर दिया है। केवल सिंह ढिल्लों ने एक बार फिर दावा किया कि राज्य सरकार के स्तर पर पहले कार्रवाई नहीं होने के कारण मामले में अदालत का हस्तक्षेप जरूरी हुआ। अब सभी की नजर सीबीआई की जांच और उसके निष्कर्षों पर रहेगी।
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