पंजाब

अभिनेता के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला दर्ज

Manish Sahu
1 Sept 2023 12:27 AM IST
अभिनेता के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला दर्ज
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पंजाब: पंजाब पुलिस ने फिल्म ‘यारियां-2’ के एक गाने में कथित तौर पर अभिनेता को ‘कृपाण’ पहने हुए दिखाए जाने से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में निर्देशक भूषण कुमार, निर्माता राधिका राव, विनय सप्रू और अभिनेता मीजान जाफरी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उप निरीक्षक अशोक कुमार ने बृहस्पतिवार को बताया कि सिख तालमेल कमेटी के एक सदस्य की शिकायत पर जालंधर जिले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला बुधवार रात दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा-295ए (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, जिसका उद्देश्य किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना है) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत दर्ज कराने वाले कमेटी के सदस्य हरप्रीत सिंह के अनुसार, फिल्म के गाने में अभिनेता कथित तौर पर ‘कृपाण’ पहने दिख रहे हैं।
उनका कहना है कि ‘कृपाण’ सिखों के विश्वास का प्रतीक है। शिकायतकर्ता ने कहा कि इससे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं क्योंकि सिख आचार संहिता के अनुसार केवल सिख धर्म की दीक्षा हासिल करने वाला व्यक्ति ही ‘कृपाण’ धारण कर सकता है। सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) पहले ही फिल्म के गाने (सौरे घर) में अभिनेता द्वारा कथित तौर पर ‘कृपाण’ पहनने पर कड़ी आपत्ति जता चुकी है। एसजीपीसी ने भी इस संबंध में अमृतसर पुलिस आयुक्त को शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, फिल्म के निर्देशकों ने दावा किया था कि अभिनेता ने कृपाण नहीं बल्कि ‘खुकरी’(एक घुमावदार चाकू) पहना हुआ था और उनका किसी की भी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या उसका अनादर करने का कोई इरादा नहीं है।
इसके बाद एसजीपीसी ने कहा था, ‘‘हम आपकी बेतुकी सफाई से संतुष्ट नहीं हैं।’’ स्पष्टीकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए एसजीपीसी ने कहा, ‘‘सिख समुदाय ‘कृपाण’ और ‘खुकरी’ के आकार और दोनों को अपने शरीर पर धारण करने के तरीके से अच्छी तरह से वाकिफ हैं। हम आपके अतार्किक स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हैं। इसलिए, हम इस मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने जा रहे हैं, क्योंकि गाने का वीडियो अभी भी सार्वजनिक तौर पर दिखाया जा रहा है और लगातार सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत कर रहा है।
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